हरियाणा में कथित आत्महत्या की कोशिश कर रहे एक युवक की जान पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच गई। युवक के बंद कमरे में होने और अनहोनी की आशंका के बाद उसकी मां ने पुलिस से मदद मांगी। सूचना मिलते ही इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) की टीम महज 8 मिनट में मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित बचाने के लिए कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार युवक खुद को कमरे में बंद किए हुए था। परिजनों को उसकी स्थिति को लेकर चिंता हुई तो उसकी मां ने तत्काल पुलिस से संपर्क किया।
कॉल मिलने के बाद ERV टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम करीब आठ मिनट में मौके पर पहुंच गई।
कमरा अंदर से बंद होने के कारण स्थिति गंभीर थी। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए युवक तक पहुंचने का प्रयास किया और उसे सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई।
समय पर मिली सूचना और पुलिस की तेज प्रतिक्रिया के कारण युवक की जान बच गई।
प्रारंभिक जानकारी में घटना के पीछे पारिवारिक परिस्थितियों से जुड़ा तनाव होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि युवक अपनी पत्नी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कॉल का जवाब नहीं मिल रहा था।
हालांकि पत्नी के फोन नहीं उठाने को युवक के कदम का निश्चित कारण मानना उचित नहीं होगा। घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां युवक और परिवार के सदस्यों से बातचीत तथा पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती हैं।
घटना के बाद युवक को सुरक्षित रखने और उसकी स्थिति की निगरानी करना प्राथमिकता रही।
ऐसे मामलों में शारीरिक उपचार के साथ मानसिक स्वास्थ्य सहायता और परिवार का सहयोग भी महत्वपूर्ण होता है।
पुलिस युवक और उसके परिजनों से बातचीत कर यह जानने का प्रयास कर सकती है कि घटना से पहले क्या परिस्थितियां बनी थीं और तत्काल सहायता की आवश्यकता किस वजह से पड़ी।
इस घटना में युवक की मां की सतर्कता भी महत्वपूर्ण रही। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने समय रहते मदद मांगी।
वहीं ERV टीम की आठ मिनट में पहुंची प्रतिक्रिया ने आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित पुलिस सहायता की अहमियत को सामने रखा है।
किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक गंभीर बदलाव दिखाई देने, खुद को नुकसान पहुंचाने की बात करने या लंबे समय तक कमरे में बंद रहने जैसी स्थिति में इसे नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल सहायता लेना जरूरी है।
परिजन ऐसे व्यक्ति को अकेला छोड़ने के बजाय सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराएं और आवश्यकता होने पर पुलिस, आपातकालीन चिकित्सा सेवा या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद लें।
फिलहाल हरियाणा में मां की सूचना पर महज आठ मिनट में पहुंची ERV टीम की कार्रवाई से युवक की जान बच गई। घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। समय पर सहायता मिलने के कारण एक गंभीर घटना को जानलेवा बनने से रोका जा सका।
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