फरीदाबाद NIT में एक सप्ताह में स्ट्रीट लाइट लगाने का अल्टीमेटम, निगम कमिश्नर की चेतावनी- काम नहीं हुआ तो JE पर कार्रवाई

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Faridabad NIT

फरीदाबाद : एनआईटी क्षेत्र की सड़कों पर बंद और गायब स्ट्रीट लाइटों को लेकर नगर निगम कमिश्नर यशेंद्र सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर स्ट्रीट लाइटें लगाने के निर्देश दिए हैं। तय समय में काम पूरा नहीं होने पर संबंधित जूनियर इंजीनियरों के खिलाफ टर्मिनेशन तक की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

नगर निगम कमिश्नर ने एनआईटी क्षेत्र के पार्षदों के साथ हुई बैठक में स्ट्रीट लाइटों की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान पार्षदों ने क्षेत्र की कई सड़कों पर रात के समय अंधेरा रहने की समस्या प्रमुखता से उठाई। मामले को लेकर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए गए।

बैठक में कमिश्नर यशेंद्र सिंह ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए जेई अरुण और विजय को एक सप्ताह के भीतर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में काम नहीं होने पर जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

पार्षदों के मुताबिक सरकार की ओर से करीब एक साल पहले नगर निगम को स्ट्रीट लाइटें उपलब्ध कराई गई थीं। आरोप है कि इन लाइटों को सड़कों पर लगाने के बजाय लंबे समय से निगम के स्टोर में रखा हुआ है। इसके कारण एनआईटी की कई सड़कों पर रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं हो सकी।

बैठक में यह मुद्दा भी सामने आया कि स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव से संबंधित ठेके की अवधि भी समाप्त हो चुकी है, जबकि उपलब्ध कराई गई कई लाइटें लगाई ही नहीं गईं। पार्षदों ने इसे लेकर निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।

वार्ड-10 के पार्षद भगवान सिंह ने इस संबंध में नगर निगम कमिश्नर को पत्र भी सौंपा है। उन्होंने मांग की कि स्टोर में रखी लाइटों को जल्द से जल्द जरूरत वाले स्थानों पर लगाया जाए, ताकि लोगों को रात के समय आवागमन में परेशानी न हो।

पार्षदों ने बैठक में सड़क सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पिछले महीने हुई एक दुर्घटना का जिक्र करते हुए दावा किया कि अंधेरे के कारण एक बाइक सवार सड़क पर घूम रही गाय को समय रहते नहीं देख पाया था। बाइक की गाय से टक्कर होने के बाद युवक गंभीर रूप से घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई थी।

हालांकि किसी दुर्घटना के लिए स्ट्रीट लाइट की कमी को प्रत्यक्ष कारण मानने से पहले संबंधित हादसे की पुलिस जांच और अन्य परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण होती हैं। पार्षदों ने इस घटना का हवाला देते हुए सड़कों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था को सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी बताया।

अब नगर निगम कमिश्नर के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम पूरा करना होगा। निगम प्रशासन की ओर से निर्धारित समय सीमा के बाद काम की प्रगति की समीक्षा किए जाने की संभावना है।

एनआईटी क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि लंबे समय से स्टोर में रखी स्ट्रीट लाइटें सड़कों पर लगने के बाद रात में आवागमन आसान होगा। वहीं तय समय में काम पूरा नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।

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