पूर्व मंत्री जसविंदर संधू के बेटे गगनजोत संधू का निधन, रोपड़ के फार्म हाउस में मृत मिले; पुलिस जांच में जुटी

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Gaganjot Sandhu

कुरुक्षेत्र/रोपड़ : हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री स्व. जसविंदर सिंह संधू के बेटे और कुरुक्षेत्र के गुमथला गढ़ू गांव के पूर्व सरपंच गगनजोत संधू का शुक्रवार को पंजाब के रोपड़ जिले में निधन हो गया। 48 वर्षीय गगनजोत पखराली गांव स्थित ककोट फार्म हाउस में मृत मिले। पुलिस शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों को लेकर आगे की जांच जारी है।

सूचना मिलने के बाद रोपड़ पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने शव को रोपड़ सिविल अस्पताल भिजवाया, जहां पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मौत से जुड़े तथ्यों की स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

रोपड़ सदर थाना प्रभारी सन्नी खन्ना के मुताबिक शुरुआती जांच में गगनजोत के किसी घरेलू विवाद के कारण परेशान होने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस ने इसे प्रारंभिक जानकारी बताते हुए कहा है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

बताया गया है कि गगनजोत शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे पखराली गांव स्थित फार्म हाउस पहुंचे थे। उनके साथ उनका एक परिचित भी था। कुछ समय बाद परिचित खाना लेने के लिए बाहर चला गया। वापस लौटने पर गगनजोत फार्म हाउस में अचेत अवस्था में मिले, जिसके बाद पुलिस और अन्य लोगों को सूचना दी गई।

रोपड़ सिविल अस्पताल के डॉक्टर के मुताबिक गगनजोत को शाम करीब 6:50 बजे अस्पताल लाया गया था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, फोरेंसिक जांच और अन्य तथ्यों के आधार पर घटनाक्रम की जांच कर रही है।

गगनजोत संधू का कुरुक्षेत्र जिले के गुमथला गढ़ू गांव से गहरा जुड़ाव था। वह गांव में दो बार सरपंच रह चुके थे। उनके परिवार का भी हरियाणा की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रहा है।

गगनजोत के पिता जसविंदर सिंह संधू पिहोवा विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जमीनी स्तर से की थी। वर्ष 1987 में वह गुमथला गढ़ू गांव के सरपंच चुने गए। इसके बाद उन्होंने विधानसभा की राजनीति में कदम रखा।

वर्ष 1991 में जसविंदर सिंह संधू ने लोकदल के टिकट पर पिहोवा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बनने में सफलता हासिल की। वर्ष 1996 में वह दोबारा विधायक चुने गए। वर्ष 2000 में उन्होंने तीसरी बार विधानसभा चुनाव जीता और ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें कृषि मंत्री की जिम्मेदारी मिली।

वर्ष 2005 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2014 में उन्होंने पिहोवा विधानसभा क्षेत्र से दोबारा जीत दर्ज की और चौथी बार विधायक बने। लंबे समय तक क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय रहे जसविंदर सिंह संधू का 19 जनवरी 2019 को बीमारी के बाद निधन हो गया था।

गगनजोत के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं। उनके निधन की सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्य रोपड़ पहुंचे। वहीं गुमथला गढ़ू में भी परिचितों और समर्थकों के बीच शोक का माहौल है।

फिलहाल पुलिस गगनजोत संधू की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है। पुलिस की विस्तृत जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।

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