मनाली का सफर हुआ आसान, ड्योढ़-हणोगी की 2 टनल यातायात के लिए खुलीं; जाम और लैंडस्लाइड वाले रास्ते से मिलेगी राहत

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Kiratpur Manali Four Lane

मंडी : कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर ड्योढ़ और हणोगी की दो महत्वपूर्ण सुरंगों को वाहनों के लिए खोल दिया गया है। मंडी-मनाली के बीच पंडोह-टकोली सेक्शन में बनी इन सुरंगों के शुरू होने से हिमाचल आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों का सफर आसान होने की उम्मीद है। खासकर चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से मनाली आने वाले पर्यटकों को ट्रैफिक जाम और लैंडस्लाइड से प्रभावित पुराने मार्ग से बड़ी राहत मिलेगी।

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने पंडोह-टकोली सेक्शन में करीब 2.8 किलोमीटर लंबी ड्योढ़ टनल और लगभग 650 मीटर लंबी हणोगी टनल तैयार की है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को दोनों सुरंगों में यातायात शुरू होने की जानकारी साझा की।

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक दोनों टनल शुरू होने के बाद संबंधित हिस्से में करीब 6 किलोमीटर का सफर घटकर लगभग 3.5 किलोमीटर रह जाएगा। इससे जोगनी माता मंदिर, ड्योढ़ और हणोगी के आसपास लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा मंडी से कुल्लू के बीच यात्रा करने वाले लोगों को मिलने का दावा किया गया है। नए फोरलेन और सुरंगों के इस्तेमाल से मंडी-कुल्लू के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। पर्यटन सीजन में इसका फायदा और अधिक दिखाई दे सकता है, क्योंकि इस मार्ग पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है।

हणोगी और आसपास का क्षेत्र लैंडस्लाइड के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। पुराने मार्ग पर पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने के कारण कई बार यातायात बाधित होता रहा है। पर्यटन सीजन में संकरी और घुमावदार सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से यात्रियों को काफी समय तक इंतजार करना पड़ता था।

दोनों सुरंगों के शुरू होने से करीब 5.5 किलोमीटर लंबे लैंडस्लाइड प्रभावित हिस्से से गुजरने की जरूरत काफी हद तक कम होगी। इससे पुराने मार्ग पर वाहनों का दबाव भी घटेगा और यात्रियों को अपेक्षाकृत सुरक्षित व सुगम विकल्प मिलेगा।

कीरतपुर-मनाली हाईवे हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन मार्गों में शामिल है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की ओर से आने वाले बड़ी संख्या में पर्यटक इसी मार्ग से कुल्लू और मनाली पहुंचते हैं। आगे यही मार्ग अटल टनल, रोहतांग क्षेत्र, मणिकर्ण, केलांग और लाहौल-स्पीति की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

ड्योढ़ और हणोगी टनल की एक खासियत दोनों के बीच बनाया गया पुल भी है। करीब 2.8 किलोमीटर लंबी ड्योढ़ टनल और 650 मीटर लंबी हणोगी टनल को खोतीनाला क्षेत्र में करीब 140 मीटर लंबे और लगभग 45 मीटर ऊंचे पुल से जोड़ा गया है।

सुरंगों के अंदर सुरक्षा के लिए CCTV निगरानी, वेंटिलेशन सिस्टम और आपातकालीन निकास जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। वाहनों के लिए खोलने से पहले NHAI ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच के साथ ट्रायल रन भी किया था।

7 सितंबर को NHAI के मेंबर प्रोजेक्ट्स विपनेश शर्मा ने हणोगी टनल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। इस दौरान अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।

ड्योढ़ और हणोगी सुरंगें पंडोह बाईपास-टकोली फोरलेन परियोजना का हिस्सा हैं। करीब 18.908 किलोमीटर लंबे इस सेक्शन पर लगभग 4465.94 करोड़ रुपए की लागत से काम किया जा रहा है। परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है।

दोनों टनल ऐसे समय में शुरू हुई हैं जब आने वाले महीनों में हिमाचल में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद रहती है। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा और विंटर टूरिस्ट सीजन के दौरान मनाली-कुल्लू की ओर वाहनों का दबाव बढ़ता है। ऐसे में नए फोरलेन सेक्शन और सुरंगों से यात्रियों को कम दूरी, जाम से राहत और लैंडस्लाइड प्रभावित हिस्से का बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद है।

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