सोनीपत : जिले में हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड करीब 60 वर्षीय पुलिसकर्मी जय सिंह की शुक्रवार को मौत हो गई। वह अपने घर में मृत मिले। सूचना मिलने के बाद थाना बड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट में गांव के ही एक व्यक्ति के साथ करीब 22 लाख रुपए के लेनदेन का जिक्र किया गया है। नोट में आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्ति रुपए वापस नहीं कर रहा था और रकम मांगने पर जय सिंह के साथ मारपीट की गई। साथ ही उन्हें कथित तौर पर झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई थी।
फिलहाल सुसाइड नोट में लिखे आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस संबंधित व्यक्ति की भूमिका, पैसों के लेनदेन और अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक जय सिंह करीब दो वर्ष पहले हरियाणा पुलिस में ESI पद से रिटायर हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह गांव में रहकर खेतीबाड़ी कर रहे थे। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं।
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार जय सिंह का बड़ा बेटा गौरव मेहनत-मजदूरी करता है, जबकि छोटा बेटा नितिन दमकल विभाग में कार्यरत है। जय सिंह की अचानक मौत के बाद परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।
पुलिस को मिले कथित सुसाइड नोट में जय सिंह ने लिखा है कि उन्होंने गांव के एक व्यक्ति को 22 लाख रुपए दिए थे। आरोप है कि बाद में रकम वापस मांगने पर संबंधित व्यक्ति ने पैसे लौटाने में आनाकानी शुरू कर दी।
नोट में यह भी आरोप लगाया गया है कि रकम वापस मांगने के लिए संबंधित व्यक्ति के पास जाने पर जय सिंह के साथ मारपीट की गई। इसके अलावा कथित तौर पर उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई। पुलिस अब इन सभी आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है।
थाना बड़ी प्रभारी नीरज कुमार के मुताबिक पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है। मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के लिए जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना होगा कि सुसाइड नोट में बताए गए 22 लाख रुपए के लेनदेन से संबंधित कोई दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड या अन्य साक्ष्य मौजूद हैं या नहीं। इसके अलावा मारपीट और धमकी से जुड़े आरोपों की भी जांच की जाएगी।
फिलहाल सुसाइड नोट में जिस व्यक्ति पर आरोप लगाए गए हैं, उसका पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए नोट में लिखे आरोपों को जांच के अधीन माना जा रहा है। पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही मामले की परिस्थितियां और संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
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