सिरसा में ई-रिक्शा यूनियन प्रधान और ट्रैफिक पुलिस के बीच विवाद, बैरिकेड हटाने का CCTV आया सामने; चालक पर केस दर्ज

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Sirsa E Rickshaw Dispute

सिरसा : शहर के परशुराम चौक पर ई-रिक्शा चालक एवं यूनियन प्रधान और ट्रैफिक पुलिस के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। मामले में पुलिस ने ई-रिक्शा चालक के खिलाफ शिकायत देकर सिटी थाने में केस दर्ज कराया है। घटना के दौरान चालक को चोट भी लगी थी।

जानकारी के मुताबिक घटना गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे की है। ई-रिक्शा चालक बेगू रोड की ओर से परशुराम चौक पहुंचा था। बाजार की तरफ जाने वाले रास्ते पर ट्रैफिक पुलिस ने बैरिकेड लगा रखे थे। CCTV फुटेज में ई-रिक्शा बैरिकेड के पास पहुंचता और उसे आगे खिसकाता दिखाई देता है।

इसके बाद चालक ई-रिक्शा लेकर बाजार की तरफ आगे बढ़ने का प्रयास करता दिखाई देता है। मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की। इसी दौरान बाजार की ओर से आ रहा एक अन्य वाहन भी ई-रिक्शा के पास पहुंचा और दोनों वाहनों के बीच टक्कर होते-होते बचने की स्थिति दिखाई देती है।

इसके बाद दूसरे वाहन का चालक भी नीचे उतर आया। पुलिसकर्मियों और ई-रिक्शा चालक के बीच बैरिकेड हटाने तथा वाहन पीछे करने को लेकर बहस शुरू हो गई। CCTV में कुछ समय बाद ई-रिक्शा चालक दोबारा वाहन आगे ले जाने की कोशिश करता दिखाई देता है। पुलिसकर्मी और वहां मौजूद लोग ई-रिक्शा को रोकने का प्रयास करते नजर आते हैं।

इसी घटनाक्रम के दौरान ई-रिक्शा चालक को चोट लगी। बाद में सामने आए मोबाइल वीडियो में उसके सिर पर चोट दिखाई दे रही है। वीडियो में चालक और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस तथा अपशब्दों का इस्तेमाल भी सुनाई देता है। चालक पुलिसकर्मियों से बहस करता और उन्हें चुनौती देता दिखाई देता है।

घटना के शुरुआती वीडियो सामने आने के बाद चालक की चोट को लेकर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे। चालक ने भी पुलिसकर्मी पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। हालांकि बाद में सामने आए CCTV फुटेज में घटनाक्रम का एक बड़ा हिस्सा दिखाई दे रहा है। चोट वास्तव में किस तरह लगी और विवाद के दौरान किस पक्ष की क्या भूमिका रही, इसका अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच के आधार पर ही निकलेगा।

पुलिस का आरोप है कि ई-रिक्शा चालक ने बैरिकेड हटाकर प्रतिबंधित दिशा में आगे जाने का प्रयास किया और रोकने के बावजूद नहीं माना। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के समय चालक नशे की हालत में था। इस दावे की पुष्टि से संबंधित मेडिकल या अन्य जांच की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

विवाद बढ़ने पर आसपास के अन्य ई-रिक्शा चालक और लोग भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच बीच-बचाव किया। घटना के कारण परशुराम चौक पर कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। बाद में पुलिस ने चालक के खिलाफ सिटी थाने में शिकायत दी और BNS की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कराया।

पुलिस की प्राथमिक जांच में संबंधित चालक के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज होने की बात कही गई है। पुलिस का दावा है कि इनमें नशीले पदार्थों और अपहरण से संबंधित मामले भी शामिल हैं। पुराने मामलों में आरोपों और उनकी मौजूदा कानूनी स्थिति की भी पुलिस जांच कर रही है।

पुलिस की ओर से पुराने मामलों में जमानत की स्थिति की समीक्षा कराने की बात भी सामने आई है। हालांकि पुराने आपराधिक मामलों का दर्ज होना अपने आप में वर्तमान मामले में दोष साबित नहीं करता और प्रत्येक आरोप का फैसला संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।

घटना के बाद ई-रिक्शा चालकों के कुछ प्रतिनिधियों के ट्रैफिक पुलिस से मिलने और मामले को लेकर खेद जताने की बात भी सामने आई है।

सिरसा शहर में ई-रिक्शा चालकों की दो अलग-अलग यूनियन बताई जाती हैं। दोनों के अलग प्रधान हैं। विवाद में शामिल चालक खुद को बस स्टैंड क्षेत्र में बने एक ई-रिक्शा स्टैंड से संबंधित यूनियन का प्रधान बताता है। बताया जा रहा है कि यह यूनियन कुछ महीने पहले ही गठित हुई थी।

फिलहाल पुलिस ने वायरल वीडियो, CCTV फुटेज और शिकायत के आधार पर जांच आगे बढ़ाई है। चालक की चोट, कथित नशे की स्थिति और विवाद के दौरान हुई घटनाओं से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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