पंचकूला नगर निगम FDR घोटाले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, ₹5.19 करोड़ पत्नी के जॉइंट अकाउंट में ट्रांसफर कराने का आरोप; 2 दिन के रिमांड पर

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Panchkula FDR Scam

पंचकूला : नगर निगम पंचकूला में सामने आए करोड़ों रुपए के FDR घोटाले और सरकारी धन के कथित गबन के मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे समर मोहन रंगा को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार बताया जा रहा था। विजिलेंस टीम ने उसे पंचकूला जिला अदालत परिसर से गिरफ्तार किया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

समर मोहन रंगा मोहाली, पंजाब का रहने वाला बताया गया है। विजिलेंस का आरोप है कि उसने बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर नगर निगम पंचकूला के बैंक खाते से करीब 5 करोड़ 19 लाख रुपए अनधिकृत रूप से ट्रांसफर करवाए।

जांच एजेंसी के मुताबिक यह रकम कोटक महिंद्रा बैंक की सेक्टर-11 पंचकूला शाखा से आरोपी की पत्नी नेहा समर रंगा के साथ मौजूद संयुक्त बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। सरकारी धन के कथित गबन में समर मोहन रंगा की अहम भूमिका होने का आरोप है। हालांकि आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।

यह मामला नगर निगम की FDR और बैंक खातों में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच के दौरान विजिलेंस ने नगर निगम और संबंधित बैंक के रिकॉर्ड की जांच तथा मिलान किया था।

जांच एजेंसी के अनुसार रिकॉर्ड मिलाने पर नगर निगम के दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड में राशि को लेकर बड़ा अंतर सामने आया। निगम के दस्तावेजों में कई FDR दर्ज थीं, लेकिन जांच में दावा किया गया कि उनसे संबंधित रकम बैंक रिकॉर्ड में जमा नहीं मिली।

इसके अलावा जांच के दौरान कुछ ऐसे बैंक खातों की जानकारी भी सामने आने का दावा किया गया, जिनका उल्लेख नगर निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं था। बैंक खातों में दिखाई गई शेष राशि और निगम के रिकॉर्ड में दर्ज रकम के बीच भी अंतर मिलने की बात कही गई है।

इन वित्तीय अनियमितताओं के सामने आने के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की थी। 24 मार्च 2026 को कोटक महिंद्रा बैंक और नगर निगम के अज्ञात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई थी।

जांच आगे बढ़ने के साथ अलग-अलग लोगों की कथित भूमिका सामने आई। विजिलेंस इस मामले में इससे पहले नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच पूरी करने के बाद गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ 22 जून 2026 को पंचकूला की अदालत में चालान भी पेश किया गया था।

समर मोहन रंगा की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण उसकी तलाश जारी थी। अब विजिलेंस टीम ने उसे पंचकूला जिला अदालत परिसर से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से दो दिन का पुलिस रिमांड मिला है।

विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से कथित तौर पर ट्रांसफर की गई रकम, बैंक खातों और पूरे लेनदेन के संबंध में पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी का फोकस गबन की गई बताई जा रही राशि की रिकवरी पर भी रहेगा।

इसके साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कथित वित्तीय गड़बड़ी में अन्य किन अधिकारियों, कर्मचारियों या व्यक्तियों की भूमिका रही। जांच एजेंसी बैंकिंग रिकॉर्ड और नगर निगम के दस्तावेजों के आधार पर पूरे लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

फिलहाल समर मोहन रंगा के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। दो दिन की रिमांड अवधि में होने वाली पूछताछ के बाद मामले में धन की रिकवरी और अन्य संभावित संलिप्त लोगों को लेकर नई जानकारी सामने आ सकती है।

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