रोहतक की डीएलएफ कॉलोनी में बंदरों से दहशत, लोगों का दावा—15 दिन में 15 बच्चों पर हमला

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Rohtak

रोहतक की डीएलएफ कॉलोनी में बंदरों के बढ़ते उत्पात से लोग परेशान हैं। कॉलोनीवासियों का दावा है कि पिछले 15 दिनों में करीब 15 बच्चे बंदरों के हमले का शिकार हुए हैं। इस दावे की प्रशासनिक पुष्टि सामने नहीं आई है। लोगों का कहना है कि बंदरों के डर से बच्चों का बाहर खेलना और निवासियों का पार्क में सैर करने जाना मुश्किल हो गया है।

कॉलोनी निवासी शौकी गिरधर ने बताया कि बंदर सुबह, दोपहर और शाम को पार्क के आसपास घूमते रहते हैं। इससे लोग पार्क जाने से बच रहे हैं। उनके अनुसार, बच्चों के बाहर निकलने पर परिवारों को उनकी सुरक्षा की चिंता बनी रहती है। उन्होंने कहा कि बंदरों की समस्या को लेकर पार्षद से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।

एक अन्य निवासी सुमित ने बताया कि बंदर केवल पार्क या सड़कों तक सीमित नहीं हैं। उनका कहना है कि बंदर घरों के भीतर भी घुस आते हैं। कभी कपड़े फाड़ देते हैं तो कभी आंगन में रखा सामान खराब कर देते हैं। रोकने का प्रयास करने पर वे लोगों की ओर झपटते हैं। इस कारण कुछ परिवार अपने घरों में भी असहज महसूस कर रहे हैं।

वार्ड की पार्षद ने कहा कि वह नगर निगम की बैठकों में बंदरों की समस्या उठाती रही हैं। उन्होंने बताया कि आगामी बैठक में यह मुद्दा फिर रखा जाएगा और बंदरों को पकड़ने के लिए स्थायी ठेका देने की मांग की जाएगी। पार्षद के मुताबिक, शिकायतें मिलने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने कहा कि शहर में बंदरों की बढ़ती संख्या को लेकर नगर निगम कदम उठाएगा। उन्होंने बंदरों को पकड़ने वाली एजेंसी को सख्त निर्देश देने की बात भी कही। कॉलोनीवासियों ने निगम से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि बच्चे और अन्य निवासी बिना डर के घरों से बाहर निकल सकें और पार्क का इस्तेमाल कर सकें।

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