कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को ‘स्टार्टअप हरियाणा-सेवा संकल्प, विचार से विस्तार तक’ राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम में नए स्टार्टअप शुरू करने वाले 11 उद्यमियों को चेक वितरित किए और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मशाल सौंपी। अभियान का उद्देश्य छोटे शहरों, कस्बों और गांवों के युवाओं के आइडिया को व्यवसाय में बदलने के अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। उन्हें सही मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर देने की जरूरत है। सरकार स्टूडेंट्स, नए उद्यमियों, निवेशकों और पहले से काम कर रहे स्टार्टअप्स को एक मंच पर जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
सैनी के अनुसार, कार्यक्रम के जरिए प्रदेश के 23 जिलों के युवाओं तक पहुंचने की योजना है। कॉलेज और यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के इनोवेटर्स को भी इसमें शामिल किया जाएगा। युवाओं को ट्रेनिंग, मेंटरशिप, पिचिंग, फंडिंग और निवेशकों से संपर्क की सुविधाओं से जोड़ने पर जोर रहेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान की शुरुआत 21 अगस्त को गुरुग्राम की एक यूनिवर्सिटी से हुई थी और इसका समापन 12 जनवरी को होगा। इस दौरान युवाओं के विचारों को समझकर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का लक्ष्य केवल स्टार्टअप शुरू करने की जानकारी देना नहीं है। युवाओं को आइडिया तैयार करने, उत्पाद या सेवा विकसित करने, निवेशकों के सामने प्रस्ताव रखने और व्यवसाय का विस्तार करने की प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा।
रिसर्च को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 20 करोड़ रुपए के रिसर्च फंड का प्रावधान किया है। विश्वविद्यालयों और अन्य माध्यमों से करीब 300 प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से समिति ने 90 का चयन किया है। उन्होंने शोध और नवाचार को उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दिया।
सैनी ने स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे उद्यमिता के अवसर बढ़े हैं। खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने युवाओं को नई सोच के साथ समस्याओं के समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया।
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