जींद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को रानी तालाब से जिला सचिवालय तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और राहुल गांधी की गिरफ्तारी बताए जाने का मुद्दा उठाया गया। पूर्व मंत्री गीता भुक्कल ने प्रदर्शन में शामिल होकर केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा।
मार्च से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता रानी तालाब के पास पार्क में एकत्रित हुए। यहां गीता भुक्कल के साथ फोटो खिंचवाने को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। कार्यकर्ता एक-दूसरे से आगे आने की कोशिश कर रहे थे। स्थिति बढ़ने से पहले जिला प्रधान ने हस्तक्षेप कर उन्हें शांत कराया। इसके बाद कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए सचिवालय की ओर रवाना हुए।
प्रदर्शन के दौरान रानी तालाब से सचिवालय तक सड़क के एक हिस्से पर जाम की स्थिति बनी रही। इससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। सचिवालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय के सामने करीब दस मिनट तक नारेबाजी की। इसके बाद महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों ने कोई ज्ञापन नहीं सौंपा।
गीता भुक्कल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के दबाव में काम कर रहा है और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है। उन्होंने राहुल गांधी की गिरफ्तारी बताए जाने का विरोध करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। गिरफ्तारी संबंधी बात प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं की ओर से कही गई। भुक्कल ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी रखी।
प्रदर्शन में जिले की कांग्रेस विधायक विनेश फौगाट शामिल नहीं हुईं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सैलजा और रणदीप सुरजेवाला के खेमे से जुड़े नेताओं की भागीदारी भी नहीं रही। उनकी अनुपस्थिति के कारणों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर उनका विरोध जारी रहेगा। प्रदर्शन का मुख्य केंद्र जिला सचिवालय रहा, जहां कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।
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