सिरसा जिले के रानियां क्षेत्र स्थित बाहिया गांव में तीन महिलाओं के निधन से शोक का माहौल है। गुरुवार शाम तीनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। जानकारी के अनुसार, तीनों महिलाएं पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं। उनके निधन किसी एक हादसे या साझा घटना से जुड़े नहीं बताए गए हैं।
मृतकों में करीब 95 वर्षीय विद्या देवी, 70 वर्षीय रामेती देवी और लगभग 52 वर्षीय रणजीत कौर शामिल हैं। तीनों परिवारों के दुख में ग्रामीण भी शामिल हुए। अंतिम संस्कार के बाद कई ग्रामीणों और युवाओं ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए महिलाओं को श्रद्धांजलि दी।
विद्या देवी गांव के तुलसा राम खिचड़ की पत्नी थीं। अधिक उम्र के कारण पिछले कुछ दिनों से उनकी सेहत ठीक नहीं थी। उनके तीन बेटे शंकर, बलराम और पाला राम हैं। तीनों विवाहित हैं। शंकर हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत्त हैं और अपने परिवार के साथ सिरसा में रहते हैं।
दूसरी महिला रामेती देवी, बलराम सहारण की पत्नी थीं। वह लंबे समय से बीमार चल रही थीं। जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात उनका निधन हुआ। उनके दो बेटे हैं और दोनों विवाहित हैं। परिवार और ग्रामीण गुरुवार को उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
तीसरी महिला रणजीत कौर, दीप चंद की पत्नी थीं। उनके भी दो बेटे हैं। बताया गया कि देर रात उन्हें अचानक सांस लेने में परेशानी हुई, जिसके बाद उनका निधन हो गया। परिवार की ओर से हृदयाघात की आशंका बताई गई है, हालांकि मृत्यु के चिकित्सकीय कारण की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
गांव के सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि तीन महिलाओं के निधन से पूरा गांव दुखी है और ग्रामीण तीनों परिवारों के साथ खड़े हैं। उनके अनुसार, गांव में इससे पहले एक या दो लोगों का अंतिम संस्कार एक साथ हुआ है, लेकिन तीन महिलाओं का एक साथ अंतिम संस्कार होने का यह पहला अवसर है। उन्होंने बताया कि तीनों परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त की गई है।
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