पंचकूला में भाजपा के सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रस्तावित ‘रास गरबा महोत्सव’ की एंट्री फीस को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। होटल पल्लवी के सामने 11 से 19 अक्टूबर तक होने वाले कार्यक्रम में कपल एंट्री 500 रुपये प्रतिदिन रखी गई है। कांग्रेस ने इसे पेड इवेंट बताया है, जबकि आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम से होने वाली पूरी कमाई वृद्धाश्रम में दान की जाएगी।
शुक्रवार को हरियाणा एससी आयोग की अध्यक्ष बंतो कटारिया और अन्य आयोजकों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्यक्रम की जानकारी और पास के रेट जारी किए। बंतो कटारिया ने बताया कि आयोजन पूर्व सांसद स्वर्गीय रत्नलाल कटारिया को समर्पित है। इसकी थीम ‘नशे से दूर, संस्कृति के साथ’ रखी गई है।
उनके अनुसार, 11 अक्टूबर को रत्नलाल कटारिया ट्रस्ट की ओर से आयोजित पहले दिन के कार्यक्रम में प्रवेश निशुल्क रहेगा। उद्घाटन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पत्नी सुमन सैनी करेंगी। महोत्सव लगातार नौ दिन चलेगा।
कार्यक्रम संयोजक राजीव गुप्ता ने बताया कि बच्चों की एंट्री फीस 100 रुपये प्रतिदिन, कपल की 500 रुपये प्रतिदिन और नौ दिनों का पास 1,100 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। उनका कहना है कि फीस तय करने का उद्देश्य आयोजन को नियंत्रित और सुरक्षित रखना तथा अवांछित लोगों का प्रवेश रोकना है।
गुप्ता के मुताबिक, खाने-पीने के स्टॉल संचालकों को आयोजक केवल जगह उपलब्ध कराएंगे। संचालक अपने कूपन और व्यवस्था स्वयं संभालेंगे। उन्होंने दावा किया कि इसमें आयोजकों का कोई व्यावसायिक लाभ नहीं होगा।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष संजय चौहान ने सवाल उठाते हुए इसे सेवा संकल्प अभियान के नाम पर भाजपा का पेड आयोजन बताया। वहीं, भाजपा जिला अध्यक्ष अजय मित्तल ने रेट कार्ड को गलत बताते हुए कहा कि इस तरह नहीं होना चाहिए। उन्होंने रेट कार्ड की जानकारी नहीं होने की बात कही।
बंतो कटारिया ने आयोजन का उद्देश्य सामाजिक सेवा बताया और कमाई वृद्धाश्रम को देने की बात दोहराई। फिलहाल प्रवेश शुल्क को लेकर आयोजकों और राजनीतिक पदाधिकारियों के अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं।
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