सफीदों, (एस• के• मित्तल) : उपमंडल के गांव हाट स्थित 33 केवी बिजली घर में अधिवक्ता प्रवीण कुमार बूरा के साथ मारपीट के मामले में आरोपी बिजली निगम के ऑपरेटर मनीष की हाई कोर्ट से भी जमानत याचिका खारिज हो गई है। वहीं, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चल रहा धरना शुक्रवार को 20वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान 10 महिलाएं क्रमिक अनशन पर बैठीं और पुलिस से मुख्य आरोपी सहित अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। अनशन पर बैठने वाली महिलाओं में सोनिया, पूनम (58), सरोज (80), टीनू, कमलेश (71), कृष्ण (70), बीरो (81), संतोष (81), ओमपति (83) और कमलेश (65) शामिल रहीं। आंदोलनकारियों ने कहा कि मामले में अब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से उनमें रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक फैलाया जाएगा।
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जींद कोर्ट के बाद हाई कोर्ट से भी खारिज हुई याचिका
आंदोलनकारियों के अनुसार, आरोपी ऑपरेटर मनीष पहले जींद कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगा चुका है, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। अब हाई कोर्ट से भी उसकी जमानत याचिका खारिज होने के बाद धरनारत लोगों ने पुलिस से गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि आरोपी जमानत के लिए अदालतों में पहुंच रहा है, लेकिन पुलिस अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है। धरने में शामिल लोगों ने दावा किया कि घटना को 23 दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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पांच लोगों के खिलाफ दर्ज है मामला
अधिवक्ता प्रवीण कुमार बूरा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एसडीओ ग्रामीण प्रभात, जेई रतनलाल, जेई राजेंद्र, लाइनमैन रवि और ऑपरेटर मनीष के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस कार्रवाई के दौरान लाइनमैन रवि की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना जारी है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में प्रभावी कार्रवाई करना है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।
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