घरौंडा मंडी में धान पर कटौती को लेकर विवाद, किसानों ने लगाए मिलीभगत के आरोप; इंस्पेक्टर ने किया इनकार

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Gharaunda Mand

करनाल जिले की घरौंडा नई अनाज मंडी में धान की खरीद, कटौती और उठान को लेकर सोमवार को किसान नेताओं और खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के बीच विवाद हुआ। किसान नेताओं ने मार्केट कमेटी कार्यालय में तीनों एजेंसियों के इंस्पेक्टरों से जवाब मांगा और प्रति क्विंटल 300 से 400 रुपये की कथित कटौती का विरोध किया।

किसान नेता जगदीप औलख, हैप्पी औलख और अन्य किसानों ने आरोप लगाया कि बारिश के दौरान गीला धान 1900 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदा गया और उसके उठान के लिए तुरंत ट्रक उपलब्ध करवाए गए। वहीं, सूखा धान करीब 15 दिन से मंडी में पड़ा होने के बावजूद उसकी खरीद और उठान में देरी हो रही है।

जगदीप औलख ने एचडब्ल्यूसी के इंस्पेक्टर सोनू पर कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए ट्रकों में लदे धान की नमी जांचने की मांग की। उन्होंने कहा कि 20 प्रतिशत तक नमी वाले धान की नियमानुसार उचित कटौती के साथ खरीद की जाए। हाईब्रिड और पीआर-126 किस्मों पर अधिक कटौती का आरोप भी लगाया गया।

औलख के अनुसार, हैफेड के पास कोई मिल नहीं है, जबकि डीएफएससी के पास दो और एचडब्ल्यूसी के पास पांच मिल हैं। उन्होंने मिलों की कमी को खरीद व्यवस्था प्रभावित होने का कारण बताया। उनका कहना है कि सोमवार को एसडीएम के साथ बैठक के बाद भी समाधान नहीं निकला।

इंस्पेक्टर सोनू ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने मिल मालिकों को कटौती के संबंध में कुछ नहीं कहा। अनुचित कटौती करने वाले संबंधित व्यक्ति को बुलाकर बातचीत की जानी चाहिए। डीएफएससी इंस्पेक्टर पुनीत ने कहा कि उनकी एजेंसी का कोई मिल मालिक गलत काम करता मिला तो खरीद तुरंत बंद कर दी जाएगी।

मंडी प्रधान जयभगवान गोयल ने विवाद को नमी से जुड़ा बताया और कमियां दूर करवाने की बात कही। मंडी सचिव सुनील कुमार ने स्थिति ठीक बताई। किसान यूनियन ने दोबारा अनुचित कटौती होने पर विरोध की चेतावनी दी है।

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