23 अक्टूबर को किसानों का शक्ति प्रदर्शन, खाद संकट और फसल मुआवजे को लेकर उठेगी आवाज

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Samyukt Kisan Morcha

पलवल, 17 अक्टूबर। हरियाणा के पलवल जिले में किसानों की विभिन्न समस्याओं और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने 23 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इस आंदोलन की तैयारियों को लेकर शनिवार को जाट धर्मशाला में किसान सभा की जिला कमेटी की बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता किसान सभा के जिला प्रधान रूपराम तेवतिया ने की, जबकि संचालन जिला सचिव दरयाब सिंह ने किया। इस दौरान किसान नेताओं ने कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और विभिन्न जनआंदोलनों के प्रति सरकार के रवैये पर चर्चा की।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों को फसल खराब होने के बावजूद उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। इसके अतिरिक्त डीएपी खाद की किल्लत और फसलों की सरकारी खरीद में लगाई जा रही अनावश्यक शर्तों के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में केंद्र सरकार पर जनआंदोलनों को दबाने के भी आरोप लगाए गए। नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कथित वोट चोरी के मुद्दे को उठाते हुए निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग की। हालांकि, ये किसान नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वक्ताओं ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों और विरोध प्रदर्शन की स्वतंत्रता को लेकर चिंताजनक परिस्थितियां बन रही हैं। उन्होंने मौजूदा स्थिति की तुलना अघोषित आपातकाल से करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
किसान नेताओं ने आंदोलनकारी युवाओं और जनवादी संगठनों के सदस्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा महिलाओं के साथ अभद्रता की शिकायतों पर भी नाराजगी व्यक्त की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि इन सभी मुद्दों को लेकर 23 अक्टूबर को पलवल जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। किसान नेताओं ने आंदोलन की तैयारियों और किसानों की भागीदारी को लेकर भी विचार-विमर्श किया।
जिला प्रधान रूपराम तेवतिया और अन्य पदाधिकारियों ने किसानों से अपनी समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का आह्वान किया।
फिलहाल संयुक्त किसान मोर्चा और किसान सभा के पदाधिकारी प्रस्तावित प्रदर्शन की तैयारियों में जुटे हैं।

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