पानीपत, 17 अक्टूबर। हरियाणा के पानीपत जिले में समालखा से पीआईईटी कॉलेज जाने वाले 30 से अधिक विद्यार्थियों को ई-बस के चालक और परिचालक की कथित मनमानी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्यार्थियों का आरोप है कि कॉलेज तक का टिकट लेने के बावजूद उन्हें निर्धारित स्थान से करीब दो किलोमीटर पहले ही उतार दिया गया। इसके कारण सभी को पैदल चलकर कॉलेज पहुंचना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार की है। समालखा से बड़ी संख्या में विद्यार्थी ई-बस में सवार होकर पीआईईटी कॉलेज जा रहे थे। विद्यार्थियों ने कॉलेज तक पहुंचने के लिए निर्धारित किराया देकर टिकट भी लिया था।
छात्रों का आरोप है कि बस चालक ने कॉलेज की ओर जाने वाले निर्धारित रास्ते के बजाय फ्लाईओवर के ऊपर से वाहन निकाल दिया। इसके बाद विद्यार्थियों को कॉलेज से करीब दो किलोमीटर दूर उतार दिया गया।
विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने चालक और परिचालक के इस व्यवहार पर आपत्ति जताई, लेकिन उनकी परेशानी का समाधान नहीं हुआ। मजबूरन सभी विद्यार्थियों को बाकी रास्ता पैदल तय करना पड़ा।
घटना के दौरान कुछ छात्रों ने बस का नंबर और पूरी स्थिति का वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में एक छात्रा बस कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर नाराजगी व्यक्त करती सुनाई दे रही है। वह कहती है, ‘अलग ड्रामे चल रहे हैं इसके तो।’
शनिवार को इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला रोडवेज अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा। विद्यार्थियों की शिकायत और वीडियो को देखते हुए रोडवेज के जनरल मैनेजर ने जांच के आदेश दिए हैं।
रोडवेज जीएम ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि चालक या परिचालक की गलती सामने आती है, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन में विद्यार्थियों की सुविधा और निर्धारित मार्ग पर बस संचालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉलेज आने-जाने वाले छात्रों के लिए समय पर निर्धारित स्थान तक पहुंचना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल विभागीय जांच के निष्कर्ष का इंतजार है। जांच के बाद ही कर्मचारियों की जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
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