चंडीगढ़। हरियाणा में इस बार विजयादशमी का पर्व भव्य और अनूठे आयोजनों के साथ मनाया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों में विशाल रावण पुतलों, आधुनिक ड्रोन शो और पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां की गई हैं। पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में 221 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है, जिसे आयोजक देश का सबसे ऊंचा रावण बता रहे हैं। अंबाला के बराड़ा निवासी शिल्पकार तेजिंद्र सिंह चौहान और उनकी टीम ने करीब साढ़े तीन महीने में इसका निर्माण किया है। पुतले पर लगभग 34 लाख रुपए खर्च हुए हैं। इसमें सात टन लोहा और करीब पांच हजार मीटर कपड़े का इस्तेमाल किया गया है। दशहरे पर रिमोट के माध्यम से इसका दहन किया जाएगा। वहीं, रोहतक के पुराने शुगर मिल क्षेत्र में पहली बार 300 से अधिक ड्रोन के जरिए आसमान में रामायण के प्रसंग और राम-रावण युद्ध का प्रदर्शन किया जाएगा। करीब 200 फीट की ऊंचाई पर आयोजित होने वाला यह ड्रोन शो लगभग 12 मिनट तक चलेगा। इसके लिए अयोध्या से विशेष टीम बुलाई गई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे। यहां 53 फीट ऊंचे रावण का दहन भी किया जाएगा। रेवाड़ी जिले के बेरली कलां गांव में ग्रामीणों ने करीब 160 फीट ऊंचा रावण तैयार किया है। सर छोटेलाल रामलीला क्लब की ओर से बनाए जा रहे इस पुतले पर लगभग पौने दो लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। गांव में रामलीला की परंपरा करीब 70 वर्षों से चली आ रही है। दूसरी ओर, पानीपत में दशहरे पर चार हजार से अधिक श्रद्धालु भगवान हनुमान का स्वरूप धारण करेंगे। यह परंपरा वर्ष 1947 में देश के विभाजन के समय पाकिस्तान के लैय्या क्षेत्र से आए परिवारों द्वारा शुरू की गई थी। करीब 79 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में श्रद्धालु धार्मिक नियमों का पालन करते हुए नगर भ्रमण करते हैं। रावण दहन के अवसर पर सभी हनुमान स्वरूप एकत्रित होंगे। इन आयोजनों के माध्यम से प्रदेश में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
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