चंडीगढ़। हरियाणा में बिजली विभाग के कर्मचारियों और इंजीनियरों के प्रतिनिधियों तथा सरकार के बीच प्रस्तावित बातचीत फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकी है। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में 21 अक्टूबर को आयोजित होने वाली बैठक में भाग लेने से असमर्थता जताई है। संगठन ने इस संबंध में हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (HVPNL) के चीफ इंजीनियर (एडमिन) को लिखित सूचना भेजी है।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अनुसार, विभाग की ओर से बैठक की जानकारी बेहद कम समय पहले उपलब्ध करवाई गई थी। इतने सीमित समय में संगठन के सभी प्रमुख पदाधिकारियों का एक स्थान पर पहुंचना संभव नहीं था। इसके अतिरिक्त कुछ वरिष्ठ प्रतिनिधियों का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने और अन्य पदाधिकारियों के पहले से निर्धारित आवश्यक कार्यक्रमों के कारण बैठक में शामिल होना मुश्किल हो गया।
मोर्चा ने बताया कि इन परिस्थितियों पर संगठन के स्तर पर विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद सभी संबंधित प्रतिनिधियों की सहमति से प्रस्तावित बैठक में उपस्थित नहीं होने का निर्णय लिया गया। संगठन ने अपने फैसले से विभागीय प्रशासन को औपचारिक रूप से अवगत करवा दिया है।
दोपहर तीन बजे सचिवालय में होनी थी बातचीत
हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, ऊर्जा मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में यह बैठक बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में निर्धारित की गई थी। इसमें बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के साझा मंच के प्रतिनिधियों को शामिल होना था।
संगठन के इस निर्णय के बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वार्ता होने की संभावना प्रभावित हुई है। हालांकि, बैठक के स्थगन अथवा नई तारीख तय किए जाने के संबंध में उपलब्ध जानकारी में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभागीय प्रशासन और संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बीच बातचीत के लिए अगली तारीख कब निर्धारित होती है। फिलहाल संगठन ने बैठक में अनुपस्थित रहने के पीछे प्रशासनिक सूचना में देरी, स्वास्थ्य संबंधी कारणों और पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं को प्रमुख वजह बताया है।
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