शिक्षकों के ACP मामलों में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, जिम्मेदार अधिकारी के वेतन से वसूला जा सकता है हर्जाना

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Haryana Teachers

हरियाणा। प्रदेश के शिक्षकों को एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) का लाभ देने में हो रही देरी को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है। अदालत ने संकेत दिया कि देरी के कारण हर्जाना लगाया गया तो उसकी वसूली संबंधित अधिकारी के वेतन से की जा सकती है।

अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिक्षकों के ACP मामलों के निपटारे में देरी होने पर उसका ठोस और स्पष्ट कारण बताया जाए। केवल प्रशासनिक प्रक्रिया या सामान्य कारणों का हवाला देकर मामलों को लंबित रखना उचित नहीं माना जाएगा।

ACP योजना के तहत निर्धारित सेवा अवधि और पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारियों को वित्तीय लाभ दिया जाता है। शिक्षकों के लिए इस लाभ में देरी होने से संबंधित कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

हाईकोर्ट के सख्त रुख से शिक्षा विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अब उन्हें लंबित मामलों की स्थिति स्पष्ट करने और समय पर निर्णय लेने की जरूरत होगी। अदालत ने यह भी संकेत दिया है कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही या अनुचित देरी सामने आती है तो उसके खिलाफ आर्थिक जवाबदेही तय की जा सकती है।

इस मामले में हाईकोर्ट की टिप्पणी उन शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो लंबे समय से ACP लाभ मिलने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, मामले की विस्तृत पृष्ठभूमि, संबंधित याचिकाकर्ताओं की संख्या और अदालत के अंतिम आदेश की जानकारी उपलब्ध कराए गए विवरण में नहीं है।

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