करनाल। हरियाणा के करनाल जिले के एक युवक की कनाडा में मौत होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। विदेश में परिवार का सहारा बनने के लिए मेहनत कर रहे प्रदीप कुमार की मौत के बाद अब माता-पिता अपने बेटे के अंतिम दर्शन करने का इंतजार कर रहे हैं। बेटे का पार्थिव शरीर भारत लाने और अंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए उसके दोस्त ने आर्थिक सहायता अभियान शुरू किया है।
जानकारी के अनुसार, प्रदीप कुमार कनाडा के टोरंटो शहर में रहते थे और डाउनटाउन इलाके में फूड डिलीवरी ड्राइवर के रूप में काम करते थे। वह मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। कनाडा में काम करके होने वाली कमाई से वह भारत में अपने परिवार की आर्थिक मदद करते थे।
चार साल से नहीं मिले थे माता-पिता से
प्रदीप पिछले करीब चार वर्षों से काम और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते भारत नहीं आ पाए थे। इस दौरान उनकी अपने माता-पिता से मुलाकात भी नहीं हुई थी। परिवार को उम्मीद थी कि एक दिन बेटा वापस लौटेगा और सभी साथ समय बिताएंगे, लेकिन उनकी मौत की खबर ने परिवार की उम्मीदों को तोड़ दिया।
दोस्त ने शुरू किया आर्थिक सहायता अभियान
प्रदीप के करीबी दोस्त और रूममेट अनिल ने उनकी मौत के बाद आर्थिक सहायता अभियान शुरू किया है। अनिल के मुताबिक, प्रदीप एक नेकदिल, विनम्र और मेहनती इंसान थे। वह अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए लगातार काम करते थे।
अब अनिल लोगों से अपील कर रहे हैं कि प्रदीप का पार्थिव शरीर कनाडा से भारत लाने और अंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जो लोग आर्थिक मदद नहीं कर सकते, वे इस अभियान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाकर परिवार की सहायता कर सकते हैं।
बेटे के अंतिम दर्शन करना चाहते हैं माता-पिता
प्रदीप की मौत के बाद उनके माता-पिता की सबसे बड़ी इच्छा अपने बेटे का आखिरी बार चेहरा देखने की है। परिवार चाहता है कि उनका पार्थिव शरीर भारत लाया जाए, ताकि अपने गांव में अंतिम संस्कार किया जा सके। फिलहाल दोस्त और परिचित इस मुश्किल समय में परिवार की मदद के लिए आगे आने की अपील कर रहे हैं।
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