हरियाणा के ‘इलेवन पावर’ लाइसेंस विवाद की दिल्ली में दस्तक: DHBVN और पावर इंजीनियर्स ने APTEL में दाखिल की कैविएट, बिना सुनवाई आदेश पर रोक लगने की आशंका

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Eleven Power

चंडीगढ़। हरियाणा में निजी कंपनी इलेवन पावर (Eleven Power) को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने का विवाद अब दिल्ली स्थित अपीलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी (APTEL) पहुंच गया है। संभावित कानूनी लड़ाई को देखते हुए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) और ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) ने ट्रिब्यूनल में अलग-अलग कैविएट दाखिल की हैं।

दोनों पक्षों को आशंका है कि इलेवन पावर हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (HERC) के 28 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दे सकती है। कैविएट दाखिल करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उनकी बात सुने बिना कोई अंतरिम आदेश पारित न किया जाए।

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, HERC ने 19 अक्टूबर 2026 को निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह जिलों में 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने की मंजूरी दी थी। इसके तहत कंपनी मौजूदा सरकारी बिजली वितरण निगम DHBVN के साथ बिजली आपूर्ति कर सकती थी।

इस फैसले का बिजली विभाग के कर्मचारियों और इंजीनियरों ने विरोध किया था। कर्मचारियों ने इसे निजीकरण की दिशा में कदम बताते हुए हड़ताल भी की थी।

सरकार के आदेश के बाद HERC ने लगाई थी रोक

हरियाणा सरकार ने 26 अक्टूबर को बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 108(1) के तहत HERC को लिखित निर्देश जारी किए थे कि राज्य में कोई समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस बनाया, संचालित या प्रभावी न किया जाए।

इसके बाद 28 अक्टूबर को HERC ने कहा कि सरकारी निर्देश लागू रहने तक वह 19 अक्टूबर के लाइसेंस आदेश पर आगे कार्रवाई नहीं करेगा। हालांकि, आयोग ने लाइसेंस को औपचारिक रूप से रद्द नहीं किया है।

DHBVN और इंजीनियर्स ने क्यों दाखिल की कैविएट?

  • DHBVN ने 28 अक्टूबर को कैविएट दाखिल की।

  • AIPEF ने 31 अक्टूबर को APTEL में कैविएट पेश की।

  • दोनों ने आशंका जताई कि इलेवन पावर HERC के आदेश या राज्य सरकार के निर्देशों को चुनौती दे सकती है।

  • कैविएट के माध्यम से मांग की गई है कि संबंधित पक्षों को नोटिस दिए और उनकी सुनवाई किए बिना कोई अंतरिम आदेश पारित न किया जाए।

पूर्व वित्त मंत्री संपत सिंह ने भी दी चुनौती

हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री और INLD नेता संपत सिंह ने भी 28 अक्टूबर को APTEL में HERC के 19 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी है।

उन्होंने राज्य सरकार से सवाल किया है कि HERC को धारा 108 के तहत दिए गए निर्देशों को क्या मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की औपचारिक मंजूरी प्राप्त थी? उनके अनुसार, इस संबंध में सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए

इलेवन पावर का लाइसेंस विवाद अब कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया है। कंपनी के कानूनी उपाय अपनाने की बात कहने और विभिन्न पक्षों की अपीलों के बीच APTEL में सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का काम DHBVN के पास ही है। निजी कंपनी को मिला 25 साल का लाइसेंस फिलहाल लागू नहीं हो पा रहा है। ट्रिब्यूनल का अगला फैसला इस विवाद की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।

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