जींद के नागरिक अस्पताल में पिछले 39 दिनों के दौरान मरीजों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की दो घटनाएं सामने आने से अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। एक मामले में इलाज के लिए पहुंचे दंपती के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं, जबकि दूसरे मामले में ऑपरेशन थिएटर में एक महिला मरीज ने कर्मचारी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। इन घटनाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी नाराजगी जताई है।
दर्द की दवा मांगने पर दंपती से मारपीट का आरोप
ताजा मामला 5 नवंबर की रात का है। रोहतक रोड स्थित भगवान नगर निवासी सन्नी नागराज अपनी पत्नी भावना के साथ उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे थे। दंपती का आरोप है कि कई घंटे तक इलाज और दर्द से राहत की दवा नहीं मिली। इसी दौरान एक कर्मचारी ने सन्नी के साथ कथित तौर पर मारपीट की और उसे घसीटा। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
मामले के सामने आने के बाद संबंधित सीटी स्कैन कर्मचारी को नौकरी से हटा दिया गया, जबकि मौके पर तैनात दो होमगार्ड कर्मियों को लाइन हाजिर किया गया। पुलिस अधीक्षक उपासना यादव ने मामले की जांच एएसपी को सौंपी है। जांच में अस्पताल के डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी देखी जाएगी।
28 सितंबर को महिला ने लगाए थे छेड़छाड़ के आरोप
इससे पहले 28 सितंबर को नागरिक अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में एक महिला ने ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। महिला ऑपरेशन के बाद उपचार के लिए ओटी में पहुंची थी। घटना के बाद अस्पताल में हंगामा हुआ और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जानकारी ली। इस प्रकरण में जांच और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे हैं।
डिप्टी स्पीकर और मंत्री ने जताई नाराजगी
दंपती से मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिढ्ढा अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों के व्यवहार पर नाराजगी जताई तथा पुलिस अधीक्षक से मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। इससे पहले 30 अक्टूबर को एक अन्य मामले की सुनवाई के दौरान खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने भी डॉक्टरों के व्यवहार पर सवाल उठाए थे।
महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
दंपती के साथ कथित मारपीट के मामले में हरियाणा राज्य महिला आयोग ने भी मीडिया रिपोर्टों और वायरल वीडियो के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी ने पुलिस अधीक्षक से तीन दिनों के भीतर जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद नागरिक अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के साथ व्यवहार, सुरक्षा व्यवस्था तथा शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट से आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
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