कार्रवाई के बाद 13 दिनों में 3,748 अपराधी गिरफ्तार
हरियाणा में अपराधियों के खिलाफ डीजीपी द्वारा शुरू किए गए बड़े अभियान ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सकारात्मक असर डाला है, लेकिन इसके साथ ही जेल विभाग की चुनौतियाँ भी कई गुना बढ़ गई हैं। पिछले 13 दिनों में पुलिस ने प्रदेशभर में लगातार छापेमारी अभियान चलाते हुए कुल 3,748 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें हत्या, लूट, डकैती, नशा तस्करी, स्नैचिंग और फरार बदमाशों सहित कई वांछित आरोपी शामिल हैं।
यह तेज कार्रवाई अपराध नियंत्रण की दिशा में प्रभावी कदम साबित हो रही है, लेकिन दूसरी ओर राज्य की जेलों पर भारी दबाव पैदा हो गया है। हरियाणा की कुल 19 जेलें पहले से ही क्षमता से अधिक भरी हुई हैं। नई गिरफ्तारियों के बाद जेलों में लगभग 4,250 अतिरिक्त कैदी हो गए हैं, जिससे सुरक्षा, निगरानी और दैनिक प्रबंधन संबंधी दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं।
जेल प्रशासन के अनुसार कई जेलें अपनी क्षमता से लगभग दोगुनी भर चुकी हैं। ऐसे में कैदियों के लिए पर्याप्त बैरक, सुरक्षा व्यवस्था और मेडिकल सुविधाएँ उपलब्ध कराना चुनौती बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गिरफ्तारी अभियान इसी रफ्तार से जारी रहा, तो प्रशासन को अस्थायी बैरक बढ़ाने, अन्य जिलों में कैदियों को ट्रांसफर करने या नई जेलों की योजना पर कार्य करना पड़ेगा।
उधर, डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जेल प्रबंधन की दिक्कतों के बावजूद अभियान में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। पुलिस का दावा है कि यह ऑपरेशन प्रदेश में गैंगस्टर नेटवर्क, हथियारों की तस्करी और संगठित अपराध पर लगाम लगाने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
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