8 महीने से सबूत जोड़ रहे किसान
किसानों ने दावा किया है कि उन्होंने अपने स्तर पर 3 करोड़ रुपये से अधिक का सामान बरामद करवाया है, जो EO की रिहायश में दबा हुआ पाया गया। किसानों का कहना है कि पंजाब पुलिस को इस मामले में कई बार जानकारी दी गई, लेकिन जांच अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ी। आठ महीनों से वे लगातार सबूत जुटा रहे हैं, ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके।
किसानों के अनुसार, यह सामान सरकारी परियोजनाओं और विकास से जुड़ी सामग्री थी, जिसे EO ने अपने घर में छिपाकर रखा हुआ था। किसानों का कहना है कि जब उन्होंने स्थानीय स्तर पर दबाव बनाया, तब जाकर यह सामान निकाला गया। उनका आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में तो केवल औपचारिकता निभाई, लेकिन जांच को गंभीरता से नहीं लिया।
किसानों ने बताया कि यदि वे खुद सक्रिय न होते और दस्तावेज़, फोटो व वीडियो साक्ष्य इकट्ठे न करते, तो यह पूरा मामला दबाया जा सकता था। उनका कहना है कि सरकारी पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह की हेराफेरी गंभीर अपराध है, लेकिन पुलिस की धीमी गति से संदेह और बढ़ गया है। किसानों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि मामला इतना बड़ा होने के बावजूद जांच की रफ्तार बेहद धीमी है।
स्थानीय किसान नेताओं ने कहा कि वे उच्च अधिकारियों से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। उनका कहना है कि जब तक सभी तथ्य सामने नहीं आ जाते और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस घटना ने क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में सामान कैसे EO के घर तक पहुंचा और लंबे समय तक वहां कैसे छिपा रहा।
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