70 एकड़ में गेंहू–गन्ना जलमग्न
गोहाना क्षेत्र में रविवार सुबह रोहतक डिस्ट्रीब्यूटरी नहर अचानक टूट जाने से बड़े पैमाने पर किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। नहर में दरार आने के कारण तेजी से निकला पानी आसपास के खेतों में भर गया, जिससे लगभग 70 एकड़ में बोई गई गेहूं और गन्ने की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। घटना के बाद से प्रभावित किसानों में भारी रोष है और उन्होंने सिंचाई विभाग पर समय पर सफाई और रखरखाव न करने का आरोप लगाया है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि नहर की कच्ची किनारे लंबे समय से टूटी हुई थीं, लेकिन विभाग को कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई समाधान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि नहर की नियमित सफाई और मरम्मत नहीं होने के कारण मिट्टी कटाव बढ़ गया और पानी का दबाव बढ़ते ही नहर टूट गई। इससे किसानों के पूरे सीजन की मेहनत पर पानी फिर गया।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नहर को अस्थाई रूप से बंद कर पानी के बहाव को रोका गया। जेसीबी मशीनों की मदद से मिट्टी डालकर नहर की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। अधिकारी नुकसान का आंकलन कर रहे हैं और प्रभावित किसानों से लिखित शिकायतें ली जा रही हैं।
किसानों ने कहा कि यदि समय पर नहर की देखरेख की जाती और पानी का दबाव नियंत्रित किया जाता, तो आज यह स्थिति पैदा न होती। दूसरी ओर, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक रूप से नहर में अचानक बढ़े जलस्तर की वजह से घाट हुआ है, लेकिन सच्चाई सामने लाने के लिए तकनीकी जांच कराई जाएगी।
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