बोले—पीवी जांच के नाम पर हो रही मनमानी
यमुनानगर में गुरुवार को राइस मिलर्स ने पीवी (फिजिकल वेरिफिकेशन) के नाम पर हो रही कथित मनमानी और दखलंदाजी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिले के कई बड़े और छोटे मिलर्स एकजुट होकर जिला प्रशासन के समक्ष पहुंचे और सरकार पर अनावश्यक परेशान करने का आरोप लगाया। मिलर्स का कहना है कि हर साल सीजन के दौरान पीवी की प्रक्रिया होती है, लेकिन इस बार जांच के नाम पर बार-बार दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उनके कामकाज पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
मिलर्स ने आरोप लगाया कि विभागीय टीमें बिना पूर्व सूचना के मिलों पर पहुंच रही हैं और लगातार दस्तावेजों की मांग कर रही हैं। इससे न केवल उत्पादन बाधित होता है, बल्कि मजदूरों और कर्मचारियों के बीच भी असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है। कई मिलर्स ने बताया कि पीवी के नाम पर सवाल-जवाब इतने बढ़ा दिए गए हैं कि मिलों का नियमित संचालन ही कठिन हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार और खाद्य आपूर्ति एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो वे मिलें बंद करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार स्टॉक उठाने में देरी कर रही है, जबकि मिलों में जगह सीमित है और नया सीजन शुरू हो रहा है। इस कारण मिलर्स को दिक्कतें बढ़ गई हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार अपने सभी स्टॉक को तुरंत उठाए ताकि कार्य सुचारु रूप से जारी रखा जा सके।
मिलर्स ने यह भी कहा कि उद्योग पहले ही बढ़ती लागत, बिजली दरों, मजदूरी और परिवहन खर्चों से जूझ रहा है। ऐसे में यदि पीवी जांच को उत्पीड़न का हथियार बनाया गया तो उद्योग को भारी नुकसान होगा। उन्होंने प्रशासन से जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और सहज बनाने की अपील करते हुए कहा कि ईमानदार मिलर्स को परेशान करने की बजाय सिस्टम को व्यवस्थित किया जाए।
अंत में मिलर्स ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो वे प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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