भिवानी-हिसार में धारा 163 लागू, गुरुग्राम में 70% डॉक्टर ड्यूटी से नदारद
हरियाणा में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल ने स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने भिवानी और हिसार में धारा 163 लागू कर दी है, ताकि किसी भी तरह की भीड़, प्रदर्शन और अव्यवस्था पर काबू पाया जा सके। इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों में मरीजों को जरूरी इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
गुरुग्राम में हड़ताल का सबसे बड़ा असर देखने को मिला, जहां करीब 70 प्रतिशत डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। कई अस्पतालों की ओपीडी लगभग ठप रही और इमरजेंसी सेवाएं भी सीमित स्तर पर ही चल सकीं। मरीजों को इलाज के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा, जबकि कई को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ा। निजी अस्पतालों का सहारा लेने वाले मरीजों पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया।
बहादुरगढ़ से सामने आया एक मामला व्यवस्था की बदहाली को उजागर करता है। यहां घायल हुए एक बच्चे को सरकारी अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण उसका समय पर एक्सरे तक नहीं हो सका। परिजन बच्चे को लेकर भटकते रहे और अंत में मजबूरी में उसे निजी अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां महंगा इलाज करवाना पड़ा।
डॉक्टर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इनमें सुरक्षा व्यवस्था, सेवा से जुड़े मसले और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़ी आपत्तियां शामिल बताई जा रही हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार बातचीत की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
प्रशासन का कहना है कि वैकल्पिक चिकित्सा व्यवस्था की गई है और मेडिकल स्टाफ को तैनात किया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। मरीजों और उनके परिजनों में भारी रोष है। वे सरकार से मांग कर रहे हैं कि हड़ताल को जल्द खत्म कराया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके।
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