मंत्री के हस्तक्षेप के बाद भाई-बहन के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
हरियाणा के यमुनानगर जिले में पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग व्यक्ति की दुकान को उसके ही रिश्तेदारों ने धोखाधड़ी के जरिए अपने नाम करवा लिया। पीड़ित बुजुर्ग लंबे समय से न्याय के लिए भटक रहा था, लेकिन जब मामला ग्रिवांस बैठक में उठाया गया, तब जाकर प्रशासन ने संज्ञान लिया।
जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग की एक व्यावसायिक दुकान है, जिसे वह अपनी आजीविका का मुख्य साधन मानता था। आरोप है कि उसके ही करीबी रिश्तेदार, जो आपस में भाई-बहन हैं, ने विश्वास में लेकर कागजी कार्रवाई में हेराफेरी की और दुकान पर अवैध कब्जा कर लिया। बुजुर्ग का कहना है कि उसे दस्तावेजों की सही जानकारी नहीं दी गई और धोखे से हस्ताक्षर करवा लिए गए।
पीड़ित ने कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार उसने ग्रिवांस बैठक में अपनी समस्या रखी। बैठक में मामला सामने आने के बाद संबंधित मंत्री ने अधिकारियों को तुरंत जांच के आदेश दिए। जांच में प्रारंभिक तौर पर धोखाधड़ी के आरोप सही पाए गए, जिसके बाद आरोपी भाई-बहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। जमीन और दुकान से जुड़े रिकॉर्ड, रजिस्ट्री और अन्य कागजात खंगाले जा रहे हैं ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके। दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पारिवारिक विवादों में बुजुर्गों के साथ धोखाधड़ी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संपत्ति संबंधी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले पूरी जानकारी लें और जरूरत पड़ने पर कानूनी सलाह जरूर लें।
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