झज्जर में ग्रामीणों की शिकायत पर कोच निलंबित: दर्जनों गांवों के खिलाड़ी प्रैक्टिस को पहुंचते थे
हरियाणा के झज्जर जिले में खिलाड़ियों और ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद खेल विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए एक कोच को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई दर्जनों गांवों के खिलाड़ियों की ओर से सामने आई शिकायतों के आधार पर की गई, जिनमें कोच के व्यवहार और कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित कोच के पास आसपास के कई गांवों से युवा खिलाड़ी रोजाना अभ्यास के लिए आते थे। खिलाड़ियों का कहना है कि वे बेहतर प्रशिक्षण की उम्मीद लेकर मैदान तक पहुंचते थे, लेकिन कोच का रवैया अक्सर असहयोगात्मक रहता था। आरोप है कि अभ्यास के समय खिलाड़ियों को ठीक से मार्गदर्शन नहीं दिया जाता था और सवाल पूछने या फोन पर संपर्क करने पर कोच गुस्से में बात करते थे।
कुछ खिलाड़ियों और अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि कोच बिना कारण अभ्यास सत्र रद्द कर देते थे, जिससे दूर-दराज से आने वाले खिलाड़ियों को परेशानी होती थी। कई बार खिलाड़ी घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन कोच समय पर नहीं पहुंचे। इससे न सिर्फ खिलाड़ियों का मनोबल टूटा, बल्कि उनकी तैयारी पर भी असर पड़ा।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले को लेकर जिला खेल अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी थी। शिकायत में कहा गया था कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो खिलाड़ियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। जांच के दौरान विभाग ने खिलाड़ियों, अभिभावकों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। प्राथमिक जांच में शिकायतों को सही पाए जाने के बाद कोच को निलंबित करने का फैसला लिया गया।
खेल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निलंबन के साथ ही मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि खिलाड़ियों के साथ दुर्व्यवहार या लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद खिलाड़ियों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि बच्चों को अच्छा माहौल, सही मार्गदर्शन और सम्मानजनक व्यवहार मिले, ताकि वे खेलों में आगे बढ़ सकें।
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