पुलिस के फैसलों पर उठे गंभीर आरोप, पशु सुरक्षा अभियान के ठीक बाद उठी बहस
हरियाणा के नूंह जिले में पुलिस और पशु संरक्षण संगठनों के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब स्थानीय पुलिस पर आरोप लगे कि उन्होंने हाल ही में पकड़े गए 17 मवेशियों के मामले में बूचड़खानों से SUV गिफ्ट स्वीकार की। इस कदम को कुछ संगठन रिश्वत की तरह मान रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, चार दिन पहले पुलिस ने स्थानीय बूचड़खानों से अवैध या बिना दस्तावेज वाले मवेशियों को जब्त किया था। इसी कार्रवाई के ठीक बाद, पुलिस को कथित रूप से वाहन उपहार स्वरूप मिला। पशु अधिकार समूहों ने इसे अनुचित करार दिया और कहा कि यह कार्रवाई पारदर्शिता और नैतिकता के खिलाफ है। संगठन का दावा है कि इस तरह की ‘गिफ्ट’ किसी भी कानून प्रवर्तन अधिकारी के लिए एक प्रकार की रिश्वत के समान है, जो आम जनता और पशु कल्याण कानूनों के उल्लंघन को बढ़ावा देती है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि SUV उपहार केवल प्रशंसा या सम्मान के रूप में दी गई थी, और इस पर कोई गलत इरादा नहीं था। अधिकारियों का दावा है कि यह वाहन विभागीय कार्यों में उपयोग के लिए लिया गया और इसका निजी लाभ लेने का उद्देश्य नहीं था। हालांकि, विवाद ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है, और उच्च अधिकारियों ने मामले की समीक्षा करने का आदेश दिया है।
इस घटना ने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नैतिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के उपहार स्वीकार करने से भ्रष्टाचार की धारणा बढ़ती है और सार्वजनिक विश्वास पर असर पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों और अनुशासन का पालन सभी अधिकारियों के लिए अनिवार्य है।
प्रशासन ने संकेत दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह विवाद न सिर्फ स्थानीय पुलिस की छवि पर असर डाल रहा है, बल्कि भविष्य में ऐसे उपहार लेने की प्रक्रिया और नियमों की समीक्षा की संभावना भी बढ़ा रहा है।
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