सरकारी बिजली व्यवस्था में कागजी खेल, जांच के बाद गिरफ्तारी
हरियाणा के पानीपत जिले में सरकारी बिजली विभाग से जुड़ा एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें नियमों को ताक पर रखकर गलत तरीके से कृषि कनेक्शन का स्थानांतरण कराया गया। मामले की जानकारी सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई, जिसमें कई अनियमितताएं उजागर हुईं। जांच के निष्कर्षों के आधार पर पुलिस को शिकायत दी गई, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
जानकारी के अनुसार आरोपियों ने जाली दस्तावेजों का सहारा लेकर एक ट्यूबवेल कनेक्शन को अपने पक्ष में स्थानांतरित कराया। दस्तावेजों में भूमि स्वामित्व और सहमति से जुड़े कागजातों में हेरफेर किया गया था, जिससे यह प्रक्रिया वैध प्रतीत हो सके। जब यह मामला संबंधित सब-डिवीजन के अधिकारी के संज्ञान में आया तो रिकॉर्ड की गहन जांच कराई गई। जांच के दौरान दस्तावेजों की सत्यता पर संदेह हुआ और आगे की पुष्टि में फर्जीवाड़ा साफ तौर पर सामने आ गया।
इसके बाद विभागीय अधिकारी द्वारा पुलिस को औपचारिक शिकायत सौंपी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ शुरू की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर इस प्रक्रिया को अंजाम दिया था, ताकि नियमों को दरकिनार कर लाभ उठाया जा सके।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तरह की गतिविधियों में और कौन-कौन लोग शामिल थे या किसी कर्मचारी की लापरवाही अथवा संलिप्तता तो नहीं रही।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस घटना को एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि जाली कागजात के जरिए सरकारी सुविधाओं का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कानून अपना पूरा सख्त रुख अपनाएगा।
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