मंजूरी के बाद भी इंतजार में विकास कार्य, स्थानीय लोग नाराज
हरियाणा के कैथल शहर में शहरी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम निर्णय लिया गया है। नगर के दो प्रमुख सेक्टरों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य आंतरिक मार्गों की स्थिति सुधारना और आवागमन को सुगम बनाना है। हालांकि, वित्तीय स्वीकृति और प्रशासनिक अनुमति मिलने के बावजूद कार्य शुरू न होने से स्थानीय निवासियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार संबंधित विभाग को करीब एक माह पहले ही आवश्यक अनुमति मिल चुकी थी। इसके बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि जल्द ही निर्माण कार्य की शुरुआत होगी, लेकिन अब तक मौके पर कोई गतिविधि नजर नहीं आई है। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि जब सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, तो फिर देरी किस कारण हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन इलाकों में लंबे समय से सड़कों की हालत खराब बनी हुई है। बारिश के मौसम में जलभराव और गड्ढों के कारण रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित होती है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। बजट स्वीकृत होने की खबर से लोगों में उम्मीद जगी थी कि अब स्थिति बदलेगी, लेकिन काम शुरू न होने से निराशा हाथ लगी है।
नगर प्रशासन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि तकनीकी प्रक्रिया और ठेके से संबंधित औपचारिकताओं के कारण कुछ विलंब हुआ है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही निर्माण एजेंसी को कार्य सौंप दिया जाएगा और तय समय सीमा में परियोजना पूरी की जाएगी। वहीं, कुछ सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सरकारी योजनाओं में स्वीकृति के बाद भी जमीनी स्तर पर काम शुरू होने में इतना समय क्यों लगता है। अब देखना यह है कि प्रशासन अपने दावों पर कितना खरा उतरता है और कब तक लोगों को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल पाता है।
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