सफीदों हल्के में एसआईआर प्रिपरेशन प्रक्रिया शुरू, 2002 के डाटा से हो रहा मतदाता सत्यापन

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voter list revision

बीएलओ कर रहे डोर-टू-डोर जांच,

दस्तावेज के आधार पर जुड़ेगा नाम, वोट नहीं कटेगी : एसडीएम पुलकित मल्होत्रा

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : देश के 12 राज्यों में चल रही एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को देखते हुए सफीदों विधानसभा क्षेत्र में एसएआर (स्पेशल अब्स्ट्रैक्ट रिवीजन) की प्रिपरेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस प्रक्रिया में वर्ष 2002 के मतदाता डाटा को आधार बनाकर वर्ष 2024 की वोटर लिस्ट का गहन सत्यापन किया जा रहा है। इसके लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की ड्यूटी लगाई गई है, जो घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं।
इलेक्शन रिटर्निंग ऑफिसर एवं एसडीएम सफीदों पुलकित मल्होत्रा ने बताया कि हरियाणा में वर्ष 2002 में एसआईआर प्रक्रिया हुई थी और उसी डाटा के आधार पर वर्तमान मतदाता सूची का मिलान किया जा रहा है। इस प्रक्रिया को दो श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में 40 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं का मिलान वर्ष 2002 की एसआईआर सूची से किया जा रहा है, जबकि 40 वर्ष से कम आयु के मतदाताओं के नाम 2004 या 2009 के बाद बने वोटर रिकॉर्ड से सत्यापित किए जा रहे हैं।
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता का नाम 2002 की सूची से किसी कारणवश मेल नहीं खाता है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मतदाता 13 प्रकार के मान्य पहचान पत्रों में से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत कर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। इसके लिए संबंधित मतदाता को इलेक्शन ऑफिसर की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा और नोटिस के जवाब के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
उन्होंने बताया कि शादी के बाद दूसरे राज्य या तहसील में आई महिलाओं को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। वे अपने मायके से जुड़े माता-पिता या दादा-दादी के पहचान पत्र प्रस्तुत कर सकती हैं, जिनका नाम वर्ष 2002 या उससे पहले की मतदाता सूची में दर्ज हो।
एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने आमजन से अपील की कि इस प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति न फैलाएं। फिलहाल यह केवल प्रिपरेशन और जांच का कार्य है। जांच के बाद किसी भी मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा, बल्कि जिनका नाम दस्तावेज के अभाव में छूट जाएगा, उन्हें प्रमाण के आधार पर जोड़ा जाएगा।
उन्होंने मतदाताओं से बीएलओ का सहयोग करने और सभी आवश्यक कागजात उपलब्ध कराने की अपील की। मतदाता अपने वोट को ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जुड़वा सकते हैं। यदि किसी स्तर पर कोई कमी या त्रुटि रह जाती है, तो उसकी दोबारा जांच की जाएगी। एसडीएम ने बताया कि अब तक एसएआर प्रक्रिया का लगभग 71 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
वहीं, चुनाव कानूनगो नरेश कुमार ने बताया कि पूरी टीम पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। सभी बीएलओ घर-घर जाकर अपना कार्य कर रहे हैं। वोट बनाने, संशोधन कराने या स्थानांतरण के मामलों में आवेदक को संतुष्ट कर आवश्यक प्रमाण के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। मतदाता अपनी वोट को कभी भी, कहीं भी शिफ्ट करवा सकते हैं।

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