एनकाउंटर के बाद बढ़ता सियासी और सामाजिक दबाव

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Jhajjar encounter

मुठभेड़ पर विवाद तेज: खाप पंचायतों की दखल की तैयारी, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

हरियाणा के झज्जर जिले में हुए एनकाउंटर के बाद मामला अब केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक रंग लेने लगा है। इस पूरे घटनाक्रम में अब खाप पंचायतों की एंट्री की तैयारी शुरू हो गई है। एक भाजपा नेता ने खुलकर पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उनके बेटे को बदमाश बताया जा रहा है, जबकि उस पर इस तरह का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

भाजपा नेता का कहना है कि एनकाउंटर के बाद पुलिस ने जिस तरह उनके बेटे की छवि पेश की है, वह पूरी तरह गलत और एकतरफा है। उन्होंने दावा किया कि उनका बेटा किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं था और न ही उस पर ऐसा कोई गंभीर केस दर्ज है, जिसे आधार बनाकर उसे बदमाश कहा जाए। नेता ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए वे हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे।

इसी बीच, इलाके की खाप पंचायतों ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। सूत्रों के अनुसार कुछ प्रमुख खापों ने आपात बैठक बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है। उनका मानना है कि यदि किसी निर्दोष को गलत तरीके से निशाना बनाया गया है, तो समाज चुप नहीं बैठेगा। खाप प्रतिनिधियों का कहना है कि वे पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद आगे की रणनीति तय करेंगे।

पुलिस की ओर से एनकाउंटर को आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुठभेड़ के दौरान आरोपी की ओर से फायरिंग की गई, जिसके जवाब में कार्रवाई करनी पड़ी। हालांकि भाजपा नेता और उनके समर्थक इस दावे से संतुष्ट नहीं हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि खाप पंचायतें खुलकर इस मुद्दे पर उतरती हैं, तो मामला और तूल पकड़ सकता है। इससे प्रशासन पर दबाव बढ़ेगा और जांच प्रक्रिया पर भी असर पड़ सकता है।

फिलहाल जिला प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि झज्जर एनकाउंटर का सच किस दिशा में जाता है।

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