वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क पर बड़ी चोट

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Chandigarh wildlife trafficking

चंडीगढ़ तक पहुंचनी थी दुर्लभ वन्यजीव की खाल: CBI ने तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया

चंडीगढ़ में तेंदुए की खाल की अवैध डिलीवरी से पहले ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने वन्यजीव तस्करी से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। गहन जांच के बाद एजेंसी ने इस मामले में कुल 6 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें से चार आरोपी हिमाचल प्रदेश के रहने वाले बताए गए हैं, जबकि बाकी दो अन्य राज्यों से जुड़े हैं।

CBI के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से संरक्षित वन्यजीवों के शिकार और उनकी खालों की अवैध खरीद-फरोख्त में सक्रिय था। जांच में सामने आया कि तेंदुए की खाल को पहले पहाड़ी इलाकों से इकट्ठा किया गया और फिर गुप्त नेटवर्क के जरिए चंडीगढ़ तक पहुंचाने की योजना बनाई गई थी। यहां इसे ऊंची कीमत पर बेचने की तैयारी थी।

सूत्रों के मुताबिक, तस्कर कोडवर्ड और मोबाइल एप्स के जरिए आपस में संपर्क में रहते थे, ताकि कानून एजेंसियों से बचा जा सके। CBI ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ीं। इसके बाद एक-एक कर आरोपियों की भूमिका उजागर हुई।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य न सिर्फ तेंदुए बल्कि अन्य संरक्षित वन्यजीवों के अंगों की तस्करी में भी शामिल रहे हैं। खालों को सुरक्षित तरीके से छिपाकर ले जाया जाता था और डिलीवरी से पहले कई बार ठिकाने बदले जाते थे।

CBI अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। चार्जशीट दाखिल होने के साथ ही अब अदालत में ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग या अंतरराज्यीय संपर्क तो नहीं हैं।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से अवैध शिकार और तस्करी पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही यह संदेश भी जाएगा कि संरक्षित जीवों के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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