रास्ते की लड़ाई में टूटा किसान, सिरसा में इच्छामृत्यु की घोषणा से हड़कंप

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Sirsa farmer protest

खेत तक रास्ता न मिलने से आहत किसान ने बुलाया ‘अंतिम कार्यक्रम’, DC को बनाया मुख्य अतिथि

सिरसा जिले में एक किसान का अनोखा और भावनात्मक कदम चर्चा का विषय बन गया है। खेत तक जाने का रास्ता न मिलने से परेशान किसान ने इच्छामृत्यु कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा कर दी। इतना ही नहीं, किसान ने इस कार्यक्रम के लिए सिरसा के उपायुक्त (DC) को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। किसान का कहना है कि उसने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

किसान ने बताया कि रास्ते के अभाव में उसकी खेती प्रभावित हो रही है और वह मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से टूट चुका है। उसने कहा कि जब जीते-जी न्याय नहीं मिला, तो मरने से पहले अपनी पीड़ा सबके सामने रखना चाहता है। इच्छामृत्यु कार्यक्रम के दौरान वह अपने बेटे से एक भावुक अपील भी करेगा। किसान ने कहा कि वह अपने बेटे से विनती करेगा कि वह कभी पुलिस में भर्ती न हो, क्योंकि आम आदमी की सुनवाई व्यवस्था में उसे सिर्फ निराशा ही मिली है।

किसान का आरोप है कि उसके खेत के आसपास के लोगों ने रास्ता बंद कर दिया है, जिससे ट्रैक्टर और कृषि उपकरण ले जाना मुश्किल हो गया है। कई बार पंचायत और प्रशासन के चक्कर लगाने के बावजूद रास्ता नहीं खुल पाया। किसान का कहना है कि खेती ही उसकी आजीविका का एकमात्र साधन है और रास्ता बंद होने से उसका जीवन संकट में आ गया है।

इस घोषणा के बाद इलाके में हलचल मच गई है। ग्रामीणों का कहना है कि किसान का यह कदम बेहद गंभीर और चिंता का विषय है। कुछ लोगों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है, ताकि किसान को इतना बड़ा कदम उठाने से रोका जा सके।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है। किसान की समस्या की जांच की जा रही है और समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। यह घटना न केवल एक व्यक्ति की पीड़ा को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन, रास्तों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े गहरे सवाल भी खड़े करती है।

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