दिव्यांग कर्मियों के ट्रांसफर नियमों पर अदालत की सख्ती, सरकार से मांगा जवाब

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Haryana transfer policy

तबादला नीति को लेकर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

हरियाणा सरकार की ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। मामला दिव्यांग कर्मचारियों को ट्रांसफर प्रक्रिया में अलग-अलग अंक (नंबर) देने से जुड़ा हुआ है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार द्वारा बनाई गई नीति में दिव्यांग कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जो संविधान के समानता के अधिकार का उल्लंघन है।

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि ट्रांसफर पॉलिसी के तहत दिव्यांग कर्मचारियों को श्रेणियों में बांटकर अलग-अलग नंबर दिए गए हैं। इससे कुछ दिव्यांग कर्मचारियों को दूसरों की तुलना में कम प्राथमिकता मिल रही है, जबकि सभी दिव्यांगों की परिस्थितियां विशेष संरक्षण की मांग करती हैं। याचिका में यह भी कहा गया कि यह व्यवस्था न केवल अनुचित है, बल्कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम की भावना के भी विपरीत है।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस नीति पर प्रारंभिक आपत्ति जताते हुए हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने सरकार से पूछा है कि दिव्यांग कर्मचारियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने और उन्हें अलग अंक देने का आधार क्या है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्या इस प्रक्रिया से समानता के सिद्धांत का उल्लंघन नहीं हो रहा।

वहीं, राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि ट्रांसफर पॉलिसी बनाना और उसमें मापदंड तय करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। सरकार ने दलील दी कि नीति प्रशासनिक जरूरतों और संतुलन को ध्यान में रखकर बनाई गई है तथा इसका उद्देश्य किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव करना नहीं है।

हालांकि, हाईकोर्ट ने सरकार की इस दलील पर फिलहाल कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की और विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत का कहना है कि दिव्यांग कर्मचारियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और समानता दोनों जरूरी हैं।

अब इस मामले में अगली सुनवाई पर सरकार के जवाब के बाद ही यह तय होगा कि ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव की जरूरत है या नहीं। यह मामला राज्य के हजारों दिव्यांग कर्मचारियों के लिए अहम माना जा रहा है।

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