तकनीकी चूक से किसानों का भुगतान रुका, कुरुक्षेत्र में बढ़ा आक्रोश

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Farmer Compensation

डाटा एंट्री में लापरवाही बनी मुआवजा अटकने की वजह, आंदोलन की चेतावनी

कुरुक्षेत्र जिले में मुआवजा वितरण को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि एक पटवारी की तकनीकी गलती के कारण उनका मुआवजा लंबे समय से अटका हुआ है। बताया जा रहा है कि संबंधित पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करते समय एक ही फोटो को बार-बार अपलोड कर दिया गया, जिससे रिकॉर्ड में गड़बड़ी हो गई और भुगतान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

इस समस्या से प्रभावित किसानों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। किसानों का कहना है कि उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा कर दिए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मुआवजा नहीं मिल पाया। कई बार कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद भी जब कोई समाधान नहीं निकला, तो अब उन्होंने सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी है। किसानों ने स्पष्ट कहा है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क जाम करने को मजबूर होंगे।

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि किसानों के साथ इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चढूनी ने दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कदम उठाने और प्रभावित किसानों का मुआवजा शीघ्र जारी करने की मांग की है।

किसानों का यह भी कहना है कि फसल नुकसान के बाद मुआवजा ही उनकी आर्थिक मदद का एकमात्र सहारा होता है। ऐसे में छोटी-सी तकनीकी गलती के कारण महीनों तक भुगतान अटक जाना उनकी आजीविका पर सीधा असर डालता है। उन्होंने प्रशासन पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि डिजिटल व्यवस्था का लाभ तभी है, जब उसमें पारदर्शिता और जिम्मेदारी हो।

वहीं प्रशासनिक स्तर पर मामला सामने आने के बाद जांच का आश्वासन दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसान समाधान की प्रतीक्षा में हैं और उनकी नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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