आपात हालात से निपटने की तैयारी, आधी रात को तालाब में रेस्क्यू अभ्यास

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Gurugram mock drill

देर रात मॉक ड्रिल: बच्चे के तालाब में डूबने की सूचना पर सक्रिय हुई रेस्क्यू टीम

गुरुग्राम में आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए रात करीब 2 बजे तालाब में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य हाल ही में नोएडा में सामने आए इंजीनियर के सड़क हादसे और उससे जुड़े रेस्क्यू ऑपरेशन जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए भविष्य में किसी भी आकस्मिक स्थिति में तेजी और तालमेल के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करना था।

मॉक ड्रिल के दौरान एक परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें सूचना दी गई कि एक बच्चा तालाब में डूब गया है। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना हो गईं। तय समय के भीतर रेस्क्यू वाहन, एंबुलेंस और गोताखोर दल तालाब के पास पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया गया।

ड्रिल के दौरान टीमों ने तालाब में उतरकर सर्च ऑपरेशन चलाया, बच्चे को बाहर निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया और प्राथमिक उपचार देने की स्थिति को भी दर्शाया गया। इसके साथ ही यह भी देखा गया कि सूचना मिलने से लेकर मौके पर पहुंचने और रेस्क्यू पूरा करने में कितना समय लग रहा है। अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रखी और जरूरी बिंदुओं को नोट किया।

प्रशासन का कहना है कि ऐसी मॉक ड्रिल का मकसद किसी वास्तविक हादसे के समय घबराहट को कम करना और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाना है। देर रात ड्रिल इसलिए रखी गई ताकि यह परखा जा सके कि कम संसाधनों और सीमित स्टाफ के बावजूद टीमें कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से काम कर सकती हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, अभ्यास के दौरान कुछ तकनीकी और समन्वय से जुड़ी कमियां भी सामने आईं, जिन्हें जल्द दूर किया जाएगा। भविष्य में स्कूलों, रिहायशी इलाकों और जलाशयों के आसपास ऐसी और मॉक ड्रिल आयोजित करने की योजना है, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में जानमाल का नुकसान न्यूनतम किया जा सके।

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