बुजुर्ग ने पुलिसिया जुल्म का खुलासा, 40 मिनट ठंड में खड़े रहने का आरोप

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Police Misconduct

नशे में पुलिसकर्मी ने बुजुर्ग को पीड़ा में रखा, अफसरों ने सुनने से किया इनकार

पंचकूला में एक बुजुर्ग नागरिक ने पुलिस के कथित दुर्व्यवहार का दर्दनाक अनुभव साझा किया है। बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि नशे की हालत में एक पुलिसकर्मी ने उन्हें लगभग 40 मिनट तक ठंड में खड़ा रखा, जबकि उनकी पत्नी अस्थमा की मरीज हैं और उन्हें तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता थी। इस घटना ने स्थानीय समाज में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है।

बुजुर्ग का कहना है कि वह और उनकी पत्नी घर से कुछ जरूरी काम के लिए निकले थे। तभी पुलिसकर्मी ने उनकी पहचान और गतिविधियों पर सवाल उठाया और उन्हें खड़े रहने के लिए मजबूर कर दिया। नशे की हालत में पुलिसकर्मी का व्यवहार अत्यधिक अपमानजनक और असंवेदनशील था। उन्होंने बुजुर्ग को ठंड में लंबे समय तक खड़ा रखा, जबकि बुजुर्ग की उम्र और पत्नी की बीमारी को नजरअंदाज किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, तो अफसरों ने उनकी बात नहीं सुनी और मामले की गंभीरता को नजरअंदाज किया। बुजुर्ग ने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही और पुलिसिया मनमानी ने उन्हें और उनके परिवार को मानसिक और शारीरिक पीड़ा दी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामले पुलिस और नागरिक के बीच विश्वास को कमजोर करते हैं। कानूनी दृष्टि से, पुलिसकर्मियों का नशे में कार्य करना और नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार करना कानून और नियमों का उल्लंघन है। नागरिकों को ऐसे मामलों में उच्च अधिकारियों से शिकायत करने और कानूनी रास्ता अपनाने की सलाह दी जाती है।

समाजसेवी और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच की जाए और जिम्मेदार पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग और बुजुर्गों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी है।

यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि पुलिसिया व्यवहार में संवेदनशीलता और नियमों का पालन अनिवार्य है।

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