ढाबा और पेट्रोल पंप मालिकों के खिलाफ एफआईआर, बंद किए गए गैरकानूनी कट फिर से खोलने का आरोप
करनाल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर नियमों की खुलेआम अनदेखी करने का मामला सामने आया है। प्रशासन और पुलिस ने ढाबा तथा पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिन्होंने हाईवे पर पहले से बंद किए गए अवैध कटों को दोबारा खोल दिया। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा, बल्कि सड़क सुरक्षा भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई।
जानकारी के अनुसार, हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा कई अवैध कट बंद किए गए थे। इन कटों के जरिए वाहन चालक अचानक हाईवे पर प्रवेश या निकास करते थे, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। बावजूद इसके, कुछ ढाबा और पेट्रोल पंप संचालकों ने अपने व्यावसायिक हितों के चलते इन कटों को फिर से खोल दिया।
प्रशासन को जब इस बारे में शिकायतें मिलीं, तो मौके पर निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि मिट्टी, जेसीबी मशीन और अन्य संसाधनों का उपयोग कर बैरिकेड्स हटाए गए और कटों को दोबारा चालू किया गया। इसे सरकारी संपत्ति को नुकसान और कानून व्यवस्था का उल्लंघन मानते हुए संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों पर सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने दोबारा ऐसे कट न खोलने की सख्त चेतावनी दी है। यदि भविष्य में भी ऐसा किया गया, तो और कठोर कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन का कहना है कि हाईवे पर अवैध कट सड़क हादसों का बड़ा कारण बनते हैं। अचानक मुड़ते वाहन तेज रफ्तार ट्रैफिक के बीच जोखिम पैदा करते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान होता है। इसी वजह से अवैध कटों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों और नियमित यात्रियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का समर्थन किया है। उनका कहना है कि अगर नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, तो हाईवे पर हादसों की संख्या कम हो सकती है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य संभावित उल्लंघनों की भी पड़ताल की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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