श्रीमद् भगवद् गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने की उठी मांग
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : भारत एक विश्वगुरु भारतीय शिक्षा व्यवस्था में सुधार और सांस्कृतिक मूल्यों को पुनः स्थापित करने की दिशा में बिनटीन मीडिया प्रोडक्शन हाउस द्वारा निर्मित डॉक्यूमेंट्री को चहुंओर प्रशंसा मिल रही है। डॉक्यूमेंट्री की प्रमोशन के लिए इसके निर्माता-निर्देशक नितिन वशिष्ठ सफीदों पहुंचे। सफीदों पहुंचने पर नेहरू युवा केंद्र के सदस्य प्रिंस मुदगिल ने उनका जोरदार स्वागत किया। निदेशक नितिन वशिष्ठ ने कहा कि भारत एक विश्वगुरु भारतीय शिक्षा व्यवस्था में सुधार और सांस्कृतिक मूल्यों को पुनः स्थापित करने की दिशा में एक प्रयास किया है, जोकि लोगों को काफी पसंद भी आ रहा है। यह डॉक्यूमेंट्री भारत की प्राचीन शिक्षा परंपरा, गुरुकुल व्यवस्था और मूल्य-आधारित शिक्षा की आवश्यकता को सरल और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करती है। इस मौके पर नेहरू युवा केंद्र के सदस्य प्रिंस मुदगिल ने नितिन वशिष्ठ को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका यह प्रयास युवाओं को भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट्री में श्रीमद् भगवद् गीता को शिक्षा क्षेत्र के पाठ्यक्रम में शामिल करने का जो विचार रखा गया है, वह अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे हैं। शिक्षा में भारतीय संस्कृति और मूल्यों को शामिल करना इसी सोच का हिस्सा है। प्रिंस मुदगिल ने केंद्र व राज्य सरकार से श्रीमद् भगवद् गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग उठाई।
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