नई दिल्ली — राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत में वायु-प्रदूषण और पानी की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है। ऐसे में लोग अपने परिवार की सुरक्षा के लिए एयर और वॉटर प्यूरीफायर लेने को मजबूर हैं। लेकिन, पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस समस्या का समाधान निकालने की बजाय, प्यूरीफायर पर 18% जीएसटी वसूलने को अन्याय करार दे दिया है।
शुक्रवार को उन्होंने सोशल मीडिया (X/Twitter) पर लिखा कि “साफ हवा और साफ पानी हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है।” उन्होंने कहा कि बदहाली की हवा और गंदे पानी से बचाव के लिए लोग प्यूरीफायर लेते हैं, लेकिन सरकार उन पर टैक्स लगा रही है — यह असहनीय भार है।
केजरीवाल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि एयर और वॉटर प्यूरीफायर पर रखे गए 18 % जीएसटी को तुरंत हटा दिया जाए। उनका कहना है कि अगर सरकार वायु-प्रदूषण और पानी की समस्या का समाधान नहीं दे सकती, तो कम-से-कम आम जनता के लिए बचाव उपकरणों को महंगा न बनाएं।
AAP ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा एवं दिल्ली सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हवा और पानी की स्थिति जानलेवा हो चुकी है, और समाधान के बजाय जनता से कर वसूलना समझ से परे है।
विशेषज्ञों और नागरिकों ने भी प्यूरीफायर की कीमतों में छूट की मांग को जायज़ माना है, क्योंकि प्रदूषण-ग्रस्त मौसम में ये उपकरण लोगों की सेहत और जीवन रक्षा के लिए आवश्यक हो गए हैं।
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