ऑडिट रिपोर्ट में वित्तीय खामियां सामने, स्पेक्ट्रम फीस देरी से जमा करने पर 7 करोड़ दंड
Chandigarh Police की हालिया ऑडिट रिपोर्ट में करोड़ों रुपये से जुड़ी वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार करीब 3.24 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाएं समय पर क्रियान्वित नहीं हो सकीं, जिससे परियोजनाएं लंबित पड़ी हैं। इन योजनाओं में तकनीकी उन्नयन, संचार प्रणाली सुदृढ़ीकरण और उपकरण खरीद जैसे कार्य शामिल बताए गए हैं।
सबसे गंभीर मुद्दा पुलिस संचार प्रणाली से संबंधित स्पेक्ट्रम शुल्क के भुगतान में देरी का सामने आया है। निर्धारित समयसीमा में भुगतान न होने के कारण विभाग पर लगभग 7 करोड़ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगा। ऑडिट में उल्लेख है कि वित्तीय प्रबंधन और समन्वय की कमी के चलते यह स्थिति बनी।
रिपोर्ट में बजट आवंटन के उपयोग, टेंडर प्रक्रिया और समयबद्ध कार्यान्वयन पर भी सवाल उठाए गए हैं। कुछ मामलों में स्वीकृत राशि का पूरा उपयोग नहीं हुआ, जबकि अन्य मदों में देरी के कारण लागत बढ़ी। ऑडिट टीम ने वित्तीय अनुशासन मजबूत करने, भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल ट्रैकिंग से जोड़ने और जिम्मेदारी तय करने की सिफारिश की है।
सूत्रों के मुताबिक, उच्चाधिकारियों ने रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए संबंधित शाखाओं से स्पष्टीकरण मांगा है। भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए आंतरिक मॉनिटरिंग तंत्र को सख्त करने और लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही और सार्वजनिक धन के प्रभावी उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि सिफारिशों पर कितनी तेजी से अमल होता है और वित्तीय प्रबंधन में कितनी पारदर्शिता लाई जाती है।
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