जांच ने दिखाया बड़ा पैमाना
दिल्ली में लाल किले के पास हुए हालिया कार ब्लास्ट (10 नवंबर, 2025) की जांच में एक भयावह योजना का पर्दाफाश हुआ है। सुरागों के अनुसार, यह हमला सिर्फ एक घटना नहीं था, बल्कि आतंकियों द्वारा तैयार की गई एक बड़ी, “मल्टी-फेज़” साजिश का हिस्सा था, जिसका मकसद बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर देशभर में सिलसिलेवार धमाके करना था।
जांच एजेंसियों का कहना है कि कुल 32 कारों को बम वाहनों के रूप में तैयार किया गया था। इनमें मारुति सुजुकी ब्रेज़ा, स्विफ्ट डिजायर, फोर्ड इकोस्पोर्ट और विस्फोटक भरी हुंडई i20 जैसी गाड़ियाँ शामिल थीं। यह पूरा नेटवर्क 6 दिसंबर को हमला करने के इरादे से बनाया गया था — वही दिन जो बाबरी मस्जिद विध्वंश की बरसी है।
विशेष रूप से, NIA की जांच में यह खुलासा हुआ है कि ये कारें “सीरियल ब्लास्ट” के लिए इस्तेमाल की जानी थीं — न सिर्फ दिल्ली में, बल्कि अन्य शहरों में भी आतंकवादी हमले की योजना बनाई गई थी। चार कारों की पहचान और बरामदगी की खबरें भी सामने आई हैं, जबकि अन्य कारों की तलाश जारी है।
जैश-ए-मोहम्मद के इस मॉड्यूल ने अपने ऑपरेशन को “बाबरी का बदला” देने की अवधारणा के इर्द-गिर्द बुना था। जांचकर्ताओं का मानना है कि उन्होंने पुराने, बार-बार बेंचे गए कार मॉडल इसलिए चुने ताकि ट्रेस करना मुश्किल हो जाए।
यह खुलासा इस बात की और पुष्टि करता है कि दिल्ली धमाका सिर्फ एक “टेस्ट ब्लास्ट” हो सकता था — बड़ी साजिश का केवल पहला चरण। अगर यह योजना सफल हो जाती, तो आतंकियों का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर भय और अस्थिरता फैलाना था।
सरकारी एजेंसियों ने उच्च स्तर की सतर्कता बरती है और एनआईए सहित अन्य सुरक्षा बल इस जाल की तह तक पहुंचने के लिए लगातार छापेमारी कर रहे हैं।
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