हरियाणा के एक पूर्व विधायक को मरणोपरांत प्रतिष्ठित ‘बिश्नोई रत्न’ सम्मान प्रदान किया गया है। यह सम्मान बिश्नोई समाज की ओर से समाज और जनसेवा में उनके योगदान को देखते हुए दिया गया। खास बात यह है कि इससे पहले यह सम्मान केवल पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल और वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई सहित कुल तीन लोगों को ही प्राप्त हुआ है।
सम्मान समारोह के दौरान समाज के प्रमुख लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पूर्व विधायक के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन में समाज हित के लिए लगातार कार्य किया और लोगों के बीच एक मजबूत पहचान बनाई।
पूर्व विधायक के परिजनों ने इस सम्मान पर आभार जताते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है। हालांकि उन्होंने यह भी दुख जताया कि निधन के समय उन्हें राजकीय सम्मान नहीं मिल सका। परिजनों का कहना है कि जनसेवा और राजनीतिक जीवन में लंबे योगदान के बावजूद अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के बिना हुआ, जिससे समर्थकों में निराशा रही।
समारोह में मौजूद लोगों ने कहा कि दिवंगत नेता ने हमेशा समाज, किसानों और आम जनता के मुद्दों को प्राथमिकता दी। उनके कार्यों और व्यक्तित्व को लंबे समय तक याद रखा जाएगा। बिश्नोई समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि ‘बिश्नोई रत्न’ सम्मान केवल उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने समाज और प्रदेश के लिए विशेष योगदान दिया हो।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में इस सम्मान को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। समर्थकों का मानना है कि यह सम्मान दिवंगत नेता के लंबे सार्वजनिक जीवन और समाज सेवा को मिली बड़ी पहचान है। वहीं कई लोगों ने सरकार से मांग की कि भविष्य में ऐसे जनप्रतिनिधियों के योगदान को उचित सम्मान दिया जाए।
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