मेयर ने प्रशासक को लिखा पत्र, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
Chandigarh में सड़कों पर जमा कचरे और पॉलिथीन की समस्या गंभीर होती जा रही है। कई इलाकों में खुले में पड़े कूड़े के ढेरों के बीच आवारा पशु भोजन की तलाश में प्लास्टिक और पॉलिथीन खाने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नियमित सफाई न होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं, जिससे न केवल पशुओं बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।
इस मुद्दे को लेकर शहर की मेयर ने प्रशासक को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने, पॉलिथीन पर सख्ती से रोक लगाने और कूड़ा उठान प्रणाली को प्रभावी बनाने की अपील की गई है। मेयर ने यह भी उल्लेख किया कि स्वच्छता अभियानों के दौरान कुछ सफाईकर्मी केवल औपचारिकता निभाते दिखाई देते हैं और वास्तविक कार्य में लापरवाही बरती जा रही है।
निवासियों का आरोप है कि कई स्थानों पर कूड़ा संग्रहण वाहन समय पर नहीं पहुंचते, जिससे कचरा सड़कों और बाजारों में फैल जाता है। इससे दुर्गंध और गंदगी बढ़ती है तथा आवारा पशु प्लास्टिक निगल लेते हैं, जिससे उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ता है। पशु चिकित्सकों का कहना है कि पॉलिथीन खाने से पशुओं में पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेने की बात कही है और संबंधित विभागों को निर्देश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि सफाई व्यवस्था में सुधार और प्लास्टिक पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम कब तक उठाए जाते हैं।
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