गांधी बलिदान दिवस पर धरने के जरिए सरकार के फैसलों पर जताया आक्रोश
हिसार में गांधी बलिदान दिवस के अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मनरेगा में किए गए बदलावों और पेंशन में कटौती को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ये फैसले गरीब, मजदूर और बुजुर्ग वर्ग के अस्तित्व को कमजोर करने की साजिश हैं।
धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा जैसी योजना ग्रामीण गरीबों के लिए जीवनरेखा है। इसमें बदलाव कर काम के अवसर कम करना सीधे तौर पर मजदूरों के अधिकारों पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ऐसी नीतियां लागू कर रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर हो और गरीब वर्ग हाशिये पर चला जाए। नेताओं ने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों के विपरीत आज नीतियां बनाई जा रही हैं।
पेंशन कटौती को लेकर भी कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। वक्ताओं ने कहा कि वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन पर निर्भर लाखों लोग पहले ही महंगाई से जूझ रहे हैं। ऐसे में पेंशन में कटौती करना अमानवीय कदम है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को कमजोर कर समाज के कमजोर वर्ग का अस्तित्व मिटाने का प्रयास कर रही है।
धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और सरकार से जनविरोधी फैसले वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा और पेंशन से जुड़े निर्णयों पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गांधी बलिदान दिवस केवल श्रद्धांजलि का दिन नहीं, बल्कि उनके विचारों को आत्मसात करने का अवसर है। सत्य, अहिंसा और सामाजिक न्याय की राह पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस गरीब, मजदूर और वंचित वर्ग की आवाज उठाती रहेगी।
धरने में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन सरकार के खिलाफ रोष साफ झलकता रहा।
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