राज्य में बढ़ते सड़क हादसों पर सख्ती—
10 महीने में 4 हजार जानें गईं,
DGP बोले “यह मानव निर्मित आपदा है”
हरियाणा में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों को अब किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा, ऐसे सभी चालकों को सीधे जेल भेजा जाएगा।
DGP ने खुलासा किया कि बीते 10 महीनों में हरियाणा में करीब 4,000 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हुई है। उन्होंने इन हादसों को “मैनमेड डिजास्टर” (मानव निर्मित आपदा) बताते हुए कहा कि “सड़क हादसे प्राकृतिक नहीं, बल्कि लोगों की लापरवाही, तेज रफ्तार और नशे की वजह से हो रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस ने ‘सेफ रोड्स, सेफ लाइफ’ अभियान शुरू किया है, जिसके तहत नशे में ड्राइविंग, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। आने वाले समय में सभी जिलों में ब्रैथ एनालाइजर और कैमरा सर्विलांस सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।
DGP ने यह भी कहा कि राज्य में हर तीसरे सड़क हादसे के पीछे शराब या नशे का सेवन प्रमुख कारण पाया गया है। इसलिए अब कानून को और कड़ा किया जा रहा है। यातायात पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि बिना किसी राजनीतिक या सामाजिक दबाव के ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करें।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ड्राइविंग को जिम्मेदारी की तरह निभाएं, क्योंकि एक गलती कई जिंदगियों को प्रभावित कर सकती है। “हादसों को रोका जा सकता है, बस जरूरत है जागरूकता और अनुशासन की,” उन्होंने कहा।
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