मकान से टकराई डायल-112 की गाड़ी, शराब की बोतल मिलने का दावा; पुलिसकर्मी के जवाब पर बढ़ा विवाद

3
Dial 112 Accident

हरियाणा में डायल-112 की गाड़ी के एक मकान से टकराने के बाद विवाद खड़ा हो गया। घटनास्थल पर पुलिस वाहन से शराब की बोतल मिलने का दावा किया गया है। जब मौके पर मौजूद लोगों ने इस बारे में सवाल किया तो एक पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर कहा, “तो क्या हो गया।” इसके बाद मामला और गरमा गया। आरोप है कि विरोध करने पर SHO ने एक व्यक्ति को धक्का देकर PCR में बैठा दिया।

जानकारी के अनुसार डायल-112 की गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर एक मकान से जा टकराई। तेज आवाज सुनकर घर के सदस्य और आसपास के लोग बाहर निकल आए।

टक्कर के कारण मकान के एक हिस्से और पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। हालांकि नुकसान कितना हुआ है, इसका सही आकलन जांच के बाद स्पष्ट होगा।

घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस वाहन और उसमें सवार कर्मचारियों को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

इसी दौरान वाहन में शराब की बोतल मिलने का दावा किया गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों से पूछा कि सरकारी ड्यूटी वाहन में शराब की बोतल कैसे पहुंची।

आरोप है कि सवाल किए जाने पर एक पुलिसकर्मी ने गंभीरता से जवाब देने के बजाय कहा, “तो क्या हो गया।” इस कथित टिप्पणी के बाद वहां मौजूद लोगों में नाराजगी बढ़ गई।

लोगों ने पुलिसकर्मियों की ड्यूटी और वाहन चलाने की स्थिति पर सवाल उठाए। हालांकि केवल शराब की बोतल मिलने के दावे से यह साबित नहीं होता कि वाहन चला रहा कर्मचारी शराब के प्रभाव में था।

यह स्पष्ट करने के लिए मेडिकल जांच, ड्यूटी रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस विभाग की जांच में इस पहलू को भी शामिल किया जा सकता है।

घटना के दौरान विवाद बढ़ने पर संबंधित थाना प्रभारी यानी SHO भी मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान एक व्यक्ति को धक्का देकर PCR में बैठाया गया।

मौके पर मौजूद लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध किया और पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। अब घटना के वीडियो या CCTV फुटेज उपलब्ध होने पर पूरे घटनाक्रम की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।

पुलिस यह जांच कर सकती है कि डायल-112 वाहन मकान से किस वजह से टकराया। चालक की लापरवाही, वाहन में तकनीकी खराबी या सड़क की परिस्थिति जैसे पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है।

डायल-112 की गाड़ियों में GPS और ड्यूटी से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध हो सकते हैं। इनके जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि घटना के समय गाड़ी किस कॉल पर थी और उसमें कौन-कौन पुलिसकर्मी तैनात थे।

वाहन में कथित तौर पर मिली शराब की बोतल किसकी थी और वह वहां कैसे पहुंची, यह भी जांच का महत्वपूर्ण विषय है।

यदि चालक पर शराब पीकर वाहन चलाने का संदेह है तो मेडिकल जांच के नतीजे महत्वपूर्ण होंगे। बिना ऐसी जांच के केवल मौके पर बोतल मिलने के आधार पर नशे में वाहन चलाने की पुष्टि नहीं की जा सकती।

मकान मालिक की ओर से हुए नुकसान को लेकर शिकायत दी जाती है तो पुलिस को उसका भी रिकॉर्ड तैयार करना होगा। सरकारी वाहन से निजी संपत्ति को नुकसान होने की स्थिति में विभागीय प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई हो सकती है।

घटना के समय मौजूद लोगों के बयान भी लिए जा सकते हैं। पुलिसकर्मी की कथित टिप्पणी और SHO द्वारा व्यक्ति को PCR में बैठाने के आरोप की सत्यता भी इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर जांची जाएगी।

डायल-112 प्रदेश की महत्वपूर्ण आपातकालीन पुलिस सेवा है। ऐसे में इससे जुड़े वाहनों और कर्मचारियों के आचरण को लेकर किसी तरह की शिकायत सामने आने पर निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।

फिलहाल पुलिस वाहन के मकान से टकराने, उसमें शराब की बोतल मिलने के दावे और मौके पर हुए विवाद से जुड़े सभी तथ्य जांच का विषय हैं। आधिकारिक जांच के बाद ही पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी और दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।Dial 112 Accident

Loading